अल-हाक़्का · 32/52
अनुवाद उच्चारण — अल-हाक़्का
ثُمَّ فِي سِلْسِلَةٍ ذَرْعُهَا سَبْعُونَ ذِرَاعًا فَاسْلُكُوهُ ۝٣٢
Summa fee silsilatin zar`uhaa sab`oona ziraa`an faslukooh
📖 हिंदी अर्थ
फिर एक ज़ंजीर में जिसकी नाप सत्तर गज़ की है उसे ख़ूब जकड़ दो
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • सिल्सिला: लोहे की ज़ंजीर
  • ज़रा: लंबाई का माप, एक हाथ की दूरी
  • फ़स्लुकूहु: उसे उसमें डाल दो, उसे उसमें प्रवेश करा दो

तफ़सीर:

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उस ज़ालिम और गुनाहगार इंसान को पकड़कर उसके हाथ गर्दन से बाँध दिए जाएँगे, फिर उसे जहन्नम की आग में झोंक दिया जाएगा ताकि वह उसकी तपिश और जलन का मज़ा चखे। उसके बाद उसे एक ऐसी लोहे की ज़ंजीर में डाला जाएगा जिसकी लंबाई सत्तर हाथ होगी। यानी उसे उस ज़ंजीर में इस तरह फँसाया जाएगा कि वह उससे निकल न सके, और उसकी यह सज़ा हमेशा के लिए जारी रहेगी।

यह सज़ा उस शख्स के लिए है जो दुनिया में अल्लाह की वहदानिय्यत (एकता) को नहीं मानता था, उसके हुक्मों पर अमल नहीं करता था, और न ही लोगों को भूखों को खाना खिलाने की तरग़ीब देता था। वह दुनिया में अपनी मर्ज़ी का मालिक बना रहा, किसी को अपना हमदर्द नहीं समझा, और आख़िरत को झुठलाता रहा।

याद रखो! यह सिर्फ एक आज़ाब की तस्वीर है, जो क़ुरआन ने हमारे सामने पेश की है ताकि हम उस दिन से पहले अपनी ज़िंदगी संवार लें। अल्लाह का डर ही वह चीज़ है जो इंसान को ऐसे अंजाम से बचा सकती है। जो शख्स दुनिया में अल्लाह की राह पर चले, गरीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करे, और अपने आप को अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित कर दे, उसके लिए यह सिलसिला और ज़ंजीर नहीं, बल्कि जन्नत की नेअमतें और अल्लाह की रहमत है। अल्लाह तआला हम सबको उस दिन के आज़ाब से बचाए और अपनी रहमत की ज़ंजीर से बाँध ले। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 30-34 — अल-हाक़्का

30خُذُوهُ فَغُلُّوهُ
इसे गिरफ्तार करके तौक़ पहना दो
31ثُمَّ الْجَحِيمَ صَلُّوهُ
फिर इसे जहन्नुम में झोंक दो,
32ثُمَّ فِي سِلْسِلَةٍ ذَرْعُهَا سَبْعُونَ ذِرَاعًا فَاسْلُكُوهُ
फिर एक ज़ंजीर में जिसकी नाप सत्तर गज़ की है उसे ख़ूब जकड़ दो
33إِنَّهُ كَانَ لَا يُؤْمِنُ بِاللَّهِ الْعَظِيمِ
(क्यों कि) ये न तो बुज़ुर्ग ख़ुदा ही पर ईमान लाता था और न मोहताज के खिलाने पर आमादा (लोगों को) करता था
34وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ الْمِسْكِينِ
तो आज न उसका कोई ग़मख्वार है
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अनुवाद — अल-हाक़्का 32

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Tuesday, August 18, 2026

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