अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْخَاطِئُونَ (ख़ातिऊन): वे लोग जो जानबूझकर गुनाह करते हैं, विशेष रूप से कुफ्र और अल्लाह की नाफ़रमानी पर अड़े रहने वाले। यह "ख़ता" से है, यानी जानबूझकर गलत रास्ता अपनाना, जबकि "मुख़्ती" वह है जो अनजाने में गलती करे।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में क़यामत के दिन काफ़िरों और गुनाहगारों की सख़्त सज़ा का ज़िक्र कर रहे हैं। पिछली आयतों में बताया गया कि उनके पास न कोई रिश्तेदार या दोस्त होगा जो उन्हें अज़ाब से बचा सके, और न ही उनके खाने के लिए कोई चीज़ होगी सिवाय "ग़िस्लीन" (ज़ख़्मों का बहता हुआ पानी और पीप) के। यह वह गंदा और घिनौना पदार्थ है जो जहन्नम के लोगों के जिस्मों से निकलेगा।
फिर अल्लाह फ़रमाते हैं: "उसे सिर्फ ख़ातिऊन (गुनाहगार) खाएंगे।" यानी यह भयानक खाना सिर्फ उन लोगों के लिए है जिन्होंने दुनिया में जानबूझकर अल्लाह की नाफ़रमानी की, कुफ्र और शिर्क पर अड़े रहे, और अपने गुनाहों पर तौबा नहीं की। यह वे लोग हैं जिन्होंने हक़ को जानते हुए भी उसे ठुकराया और गलत रास्ते को अपनाया।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का अज़ाब बिल्कुल न्यायपूर्ण है — जो जितना गुनाहगार होगा, उसकी सज़ा भी उतनी ही भयानक होगी। लेकिन साथ ही यह रहमत का पैग़ाम भी है कि अल्लाह ने हमें आगाह कर दिया है ताकि हम उस रास्ते पर न चलें जो इस घिनौनी सज़ा तक पहुँचाए।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमारे लिए एक ज़बरदस्त नसीहत है। अल्लाह ने हमें दुनिया में भेजा है ताकि हम उसकी इबादत करें और उसके हुक्मों पर चलें। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को भूलकर अपनी ख्वाहिशों के पीछे चलते हैं, उनका अंजाम यही है — जहन्नम का गंदा खाना और सख़्त अज़ाब। लेकिन अल्लाह बड़ा मेहरबान है, उसने रहमत का दरवाज़ा खुला रखा है। जो कोई भी अपने गुनाहों से तौबा करके अल्लाह की तरफ लौट आए, अल्लाह उसके गुनाह माफ़ कर देता है और उसे जन्नत की नेमतों से नवाज़ता है। आओ, हम सब अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्मों के मुताबिक बनाएं, ताकि क़यामत के दिन हम उन लोगों में से न हों जिनका खाना ग़िस्लीन होगा, बल्कि उन लोगों में से हों जिन्हें जन्नत के मीठे फल और शरबत मिलेंगे। अल्लाह हम सबको सीधी राह दिखाए। आमीन।
📜 आयत 35-39 — अल-हाक़्का
अनुवाद — अल-हाक़्का 37
सूरा अल-हाक़्का आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो मुझे उन चीज़ों की क़सम हैसूरा आयत 37/52 — अल-हाक़्का الحاقة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हाक़्का सुनें, अल-हाक़्का अनुवाद, अल-हाक़्का mp3, अल-हाक़्का pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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