अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْمَلَأُ: क़ौम के सरदार और बड़े-बड़े रईस।
- أَتَذَرُ: क्या तू छोड़ देगा?
- لِيُفْسِدُوا: ताकि वे फ़साद फैलाएँ।
- وَيَذَرَكَ: और तुझे छोड़ दें (तेरी इबादत छोड़ दें)।
- آلِهَتَكَ: तेरे माबूद (जिन्हें तू पूजता है)।
- سَنُقَتِّلُ: हम क़त्ल करेंगे (बार-बार क़त्ल करेंगे)।
- نَسْتَحْيِي: हम ज़िंदा छोड़ देंगे (उनकी जान बख़्श देंगे)।
- قَاهِرُونَ: ग़ालिब और दबाने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन के सामने सच्चाई पेश की और उसे अल्लाह की तौहीद की दावत दी, तो फ़िरऔन के दरबार के सरदार और बड़े-बड़े रईस, जो अपनी बड़ाई और ऊँचे दर्जे पर इतराते थे, वे फ़िरऔन के पास आकर उसे भड़काने लगे। उन्होंने कहा: "ऐ फ़िरऔन! क्या तू मूसा और उसकी क़ौम (बनी इसराईल) को यूँ ही छोड़ देगा कि वे ज़मीन (मिस्र) में फ़साद फैलाएँ? वे लोगों को तेरी इबादत से हटाकर अल्लाह की इबादत की तरफ़ बुला रहे हैं, और तेरे माबूदों को छोड़ने पर उभार रहे हैं। क्या तू इस बुराई को रोकेगा नहीं?"
यह सुनकर फ़िरऔन ने अपने घमंड और सत्ता के नशे में चूर होकर जवाब दिया: "मैं उनका ऐसा इलाज करूँगा कि वे कभी सिर न उठा सकें। मैं उनके बेटों को क़त्ल कर दूँगा और उनकी औरतों को ज़िंदा रखूँगा ताकि वे हमारी ख़िदमत करें। हम उन पर पूरी तरह ग़ालिब हैं, हमारी सत्ता और ताक़त के आगे उनकी कोई हक़ीक़त नहीं।"
फ़िरऔन का यह जवाब उसके दिल की कठोरता और अल्लाह के दीन के खिलाफ़ उसकी साज़िशों को दर्शाता है। वह सोचता था कि क़त्ल और ज़ुल्म से सच्चाई को दबाया जा सकता है, लेकिन उसे यह नहीं मालूम था कि अल्लाह का दीन किसी के दबाव से नहीं रुकता। अल्लाह तआला अपने नबी और उनके साथियों की मदद करता है, चाहे ज़ालिम कितनी भी कोशिश कर लें।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि सच्चाई के दावेदारों को हमेशा ज़ालिमों की साज़िशों और धमकियों का सामना करना पड़ता है। फ़िरऔन जैसे ज़ालिम हुक्मरान अपनी ताक़त और सत्ता के नशे में यह समझते हैं कि वे सच्चाई को दबा सकते हैं, लेकिन अल्लाह का वादा है कि वह अपने नेक बंदों की मदद करेगा और ज़ालिमों को नीचा दिखाएगा। जो लोग अल्लाह के दीन पर क़ायम रहते हैं, उन्हें कभी निराश नहीं होना चाहिए, चाहे मुश्किलें कितनी ही बड़ी क्यों न हों। अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को फ़िरऔन के ज़ुल्म से निजात दी और फ़िरऔन को अपनी क़ुदरत का नमूना दिखाया। यह हर उस इंसान के लिए एक उम्मीद की किरण है जो अल्लाह की राह में सब्र और इस्तिक़ामत से काम लेता है।
📜 आयत 125-129 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 127
सूरा अल-आराफ आयत 127 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने अपनी फरमाबरदारी की हालत में दुनिया से उठा…सूरा आयत 127/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 125–129. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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