Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- غِلّ: बैर, द्वेष, क्रोध और ईर्ष्या जो दिल में हो।
- نَزَعْنَا: हमने निकाल दिया, दूर कर दिया।
- أُورِثْتُمُوهَا: तुम्हें यह विरासत में दी गई, यानी तुम्हें यह प्रदान की गई।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने जन्नत के लोगों पर अपनी सबसे बड़ी नेमत (कृपा) का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने उनके दिलों से हर तरह का बैर, द्वेष, ईर्ष्या और क्रोध निकाल दिया। यह उनके लिए सबसे बड़ी नेमत है, क्योंकि जन्नत की पवित्रता और सुकून के लिए ज़रूरी है कि दिल साफ़ हों और एक-दूसरे के लिए सिर्फ़ मुहब्बत हो। इसके अलावा, उनके नीचे नहरें बह रही हैं, जो उनके आनंद और खुशी में चार चाँद लगा रही हैं।
जब वे जन्नत में दाखिल होंगे और यह सब नेमतें देखेंगे, तो उनकी ज़बान से निकलेगा: "सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने हमें इस (जन्नत तक पहुँचने वाले अमल) की हिदायत दी। हम खुद से कभी हिदायत नहीं पा सकते थे, अगर अल्लाह ने हमें हिदायत न दी होती।" वे यह भी कहेंगे कि "हमारे रब के रसूल सच्चाई के साथ आए थे" — यानी उन्होंने जो कुछ भी बताया था — जन्नत, जहन्नम, हिसाब, किताब — सब सच था, और अब हम इसे अपनी आँखों से देख रहे हैं।
इसके बाद उन्हें पुकारा जाएगा: "यही वह जन्नत है जो तुम्हें विरासत में दी गई है, उन अमलों के बदले में जो तुम दुनिया में करते थे।" यह पुकार उनके लिए सम्मान और खुशखबरी के तौर पर होगी, ताकि उनकी खुशी और बढ़ जाए।
फ़ायदे (सबक):
- दिल की सफ़ाई: यह आयत सिखाती है कि मोमिन को चाहिए कि वह अपने दिल को बैर, ईर्ष्या और द्वेष से पाक रखे। जन्नत की नेमत उन्हीं को मिलेगी जिनके दिल साफ़ होंगे। इसलिए हमें दूसरों के लिए अपने दिल में मुहब्बत और भलाई रखनी चाहिए।
- हिदायत अल्लाह की तरफ़ से है: हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि सच्ची हिदायत अल्लाह ही देता है। इंसान चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, अल्लाह की मदद के बिना वह सीधे रास्ते पर नहीं चल सकता। इसलिए हमें हर वक़्त अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए कि उसने हमें इस्लाम और ईमान की नेमत दी।
- अमल का इनाम: जन्नत अल्लाह की रहमत से मिलती है, लेकिन यह उन अमलों के बदले में है जो इंसान अल्लाह की रज़ा के लिए करता है। यह हमें अच्छे अमल करने की तरग़ीब (प्रेरणा) देता है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और नेक कामों में गुज़ारें।
- रसूलों की सच्चाई: जब जन्नत के लोग यह कहेंगे कि "हमारे रब के रसूल सच्चाई के साथ आए थे", तो यह हमारे लिए सबूत है कि अल्लाह के रसूलों ने जो कुछ भी बताया — चाहे वह जन्नत का वादा हो या जहन्नम की चेतावनी — सब सच है। इसलिए हमें उन पर पूरा यक़ीन रखना चाहिए और उनकी सिखाई हुई राह पर चलना चाहिए।
- शुक्र का जज़्बा: जन्नत के लोगों की पहली पुकार "अल्हम्दुलिल्लाह" होगी। यह हमें सिखाता है कि हमें हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए — चाहे नेमत मिले या मुसीबत — क्योंकि शुक्र अदा करने से अल्लाह और नेमतें बढ़ाता है।
📜 आयत 41-45 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 43
सूरा अल-आराफ आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन लोगों के दिल में जो कुछ (बुग़ज़ व…सूरा आयत 43/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


