अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَكْرَ اللهِ: अल्लाह की चालाकी/योजना, अर्थात उसका इस्तिदराज (धीरे-धीरे पकड़ना) — जब वह किसी को उसके कुकर्मों के बावजूद दुनिया में नेमतें देता रहता है ताकि वह और अधिक गुमराह हो जाए और फिर अचानक उसे पकड़ ले।
- الْقَوْمُ الْخَاسِرُونَ: वे लोग जो घाटे में हैं, यानी जिन्होंने कुफ्र और अवज्ञा के कारण अपना ईमान और आख़िरत बर्बाद कर ली।
तफ़सीर:
क्या उन झुठलाने वाली बस्तियों के लोग अल्लाह की चालाकी (मक्र) से निडर हो गए हैं? अल्लाह ने उन्हें दुनिया में ताकत, धन-दौलत और सुख-सुविधाएँ देकर उनकी परीक्षा ली, और उन्हें यह सोचने का मौका दिया कि यह नेमतें उनके अच्छे कर्मों का प्रतिफल हैं — जबकि वास्तव में यह उनके लिए इस्तिदराज (धीरे-धीरे पकड़) था, ताकि वे और अधिक कुफ्र और पाप में डूब जाएँ और फिर अचानक उन पर अज़ाब आ जाए।
यह एक सख्त चेतावनी है कि अल्लाह की पकड़ से कोई भी निडर नहीं हो सकता। जो लोग अल्लाह के मक्र से निडर हो जाते हैं, वे वास्तव में घाटे में हैं — उन्होंने अपनी आख़िरत को बर्बाद कर लिया और अपने कुफ्र के कारण वे हलाक होने वालों में से हैं। जो लोग अल्लाह से डरते हैं और उसकी नेमतों को देखकर उसका शुक्र अदा करते हैं, वे कभी उसकी चालाकी से निडर नहीं होते; बल्कि वे हमेशा उसकी पकड़ से डरते रहते हैं और उसकी इबादत में लगे रहते हैं।
फ़ायदे:
- अल्लाह की नेमतें कभी-कभी उसकी नाराज़गी का ज़रिया बन जाती हैं — जब इंसान उन्हें देखकर घमंड करे और अल्लाह की नाफ़रमानी करे। इसलिए हर नेमत पर अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए और उसकी नाराज़गी से डरना चाहिए।
- अल्लाह की पकड़ से निडर होना सबसे बड़ी भूल है — यह इंसान को हलाकत की ओर ले जाती है। मोमिन हमेशा अल्लाह के अज़ाब से डरता है और उसकी रहमत की उम्मीद रखता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की चमक-दमक और सुख-सुविधाएँ किसी की नेकी का सबूत नहीं हैं — बल्कि यह परीक्षा हो सकती है। इसलिए हमें अपने आचरण और ईमान को मज़बूत करना चाहिए, न कि दुनिया की नेमतों पर इतराना चाहिए।
- अल्लाह का डर इंसान को हर बुराई से बचाता है और उसे सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ देता है — यही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 97-101 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 99
सूरा अल-आराफ आयत 99 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या ये लोग ख़ुदा की तद्बीर से ढीट हो…सूरा आयत 99/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 97–101. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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