Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ضُحًى: दिन का वह समय जब सूर्य खूब निकल आता है, यानी दोपहर से पहले का समय।
- يَلْعَبُونَ: खेल-कूद में लगे हों, यानी दुनिया के कामों में मस्त और बेखबर हों।
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन बस्तियों के लोगों से पूछ रहे हैं जिन्होंने नबियों को झुठलाया और अपनी सरकशी पर अड़े रहे। क्या वे लोग इस बात से निडर हो गए हैं कि उन पर अल्लाह का अज़ाब दिन चढ़े, सुबह के समय आ जाए, जब वे अपने दुनियावी कामों में पूरी तरह मशगूल हों और खेल-कूद में लगे हों? यानी जिस वक्त इंसान सबसे ज़्यादा गाफिल और बेखबर होता है, उसी वक्त अज़ाब आ जाए। यह ज़िक्र इसलिए किया गया कि उन दोनों वक्तों (रात और दिन) में इंसान की ग़फलत अपने आख़िरी दर्जे पर होती है, इसलिए उन वक्तों में अज़ाब का आना ज़्यादा सख्त और डरावना होता है। यह अल्लाह की तरफ से एक सख्त चेतावनी है कि उनकी मोहलत उन्हें बेखबर न कर दे, क्योंकि अज़ाब अचानक उस वक्त भी आ सकता है जब वे सबसे ज़्यादा अपनी दुनिया में मगन हों।
फायदे (सबक):
- इंसान को कभी भी अल्लाह की पकड़ से बेखबर और निडर नहीं होना चाहिए, चाहे वह कितनी ही आराम की हालत में क्यों न हो।
- अल्लाह का अज़ाब किसी खास वक्त का मोहताज नहीं, वह जब चाहे आ सकता है, इसलिए हर वक्त उससे डरते रहना चाहिए।
- दुनिया की मशगूलियाँ और खेल-तमाशे इंसान को आख़िरत से गाफिल कर देते हैं, यही ग़फलत इंसान के हलाक होने का सबब बनती है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अपने जीवन में हर पल अल्लाह की याद रखें और उसकी नाफरमानी से बचें, क्योंकि मौत और अज़ाब का वक्त किसी को मालूम नहीं।
- अल्लाह की रहमत और मोहलत का फायदा उठाकर तौबा कर लेना चाहिए, क्योंकि अज़ाब आने के बाद पछतावा किसी काम नहीं आता।
📜 आयत 96-100 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 98
सूरा अल-आराफ आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या उन बस्तियों वाले इससे बेख़ौफ हैं कि उन पर…सूरा आयत 98/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 96–100. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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