अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَرِثُونَ الْأَرْضَ: जो धरती के उत्तराधिकारी बनते हैं, यानी उस पर बसते हैं।
- أَصَبْنَاهُم: हम उन्हें पकड़ लेते (अज़ाब में डाल देते)।
- نَطْبَعُ: हम मुहर लगा देते हैं (दिलों पर)।
- لَا يَسْمَعُونَ: वे नहीं सुनते (समझ और सीख की नज़र से)।
तफ़सीर:
क्या इन लोगों को यह बात स्पष्ट नहीं हुई जो उन लोगों के बाद धरती पर बसे हैं, जिन्हें उनके गुनाहों की वजह से हलाक कर दिया गया था? यानी जिन क़ौमों ने पहले नबियों को झुठलाया और ज़ुल्म किया, उन्हें अल्लाह ने तबाह कर दिया। अब उनकी जगह दूसरे लोग आए, लेकिन उन्होंने भी वही रास्ता अपनाया — ज़ुल्म, सरकशी और हक़ से मुँह मोड़ना। क्या उन्हें यह नहीं सूझा कि अल्लाह जब चाहे उन्हें भी उनके गुनाहों की वजह से पकड़ सकता है, जैसा उसने उनसे पहले वालों के साथ किया? अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) यही है कि जब लोग हद से गुज़र जाते हैं और हिदायत को ठुकरा देते हैं, तो उन पर अज़ाब आता है। इसके अलावा, अल्लाह उनके दिलों पर मुहर लगा देता है, यानी उनके दिल बंद हो जाते हैं, हक़ की बात उनमें दाखिल नहीं होती, और वे नसीहत को इस तरह नहीं सुनते जिससे उन्हें फ़ायदा हो — वे सुनते तो हैं, लेकिन दिल से नहीं, सिर्फ कानों से, इसलिए वह सुनना उनके काम नहीं आता।
फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि इतिहास से सबक़ लेना चाहिए। पिछली क़ौमों का अंजाम देखकर हमें अपने आचरण को सुधारना चाहिए, न कि उन्हीं की ग़लतियाँ दोहरानी चाहिए।
- अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन वह जल्दबाज़ी नहीं करता। वह मौका देता है, फिर भी अगर इंसान न सुधरे तो अज़ाब आना तय है। यह हमें गुनाहों से बचने की तरग़ीब देता है।
- दिल की सख्ती और अंधापन सबसे बड़ी सज़ा है। जब इंसान हक़ को सुनकर भी अनसुना कर देता है, तो अल्लाह उसके दिल पर मुहर लगा देता है — यह हमें नसीहत को कान खोलकर सुनने और दिल से क़बूल करने की तरग़ीब देता है।
- यह आयत मुसलमानों को यह भी बताती है कि अल्लाह की रहमत और इंसाफ़ पर भरोसा रखें, लेकिन साथ ही उसके अज़ाब से डरें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक बनाएँ। इसी में दुनिया और आख़िरत की भलाई है।
📜 आयत 98-102 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 100
सूरा अल-आराफ आयत 100 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या जो लोग अहले ज़मीन के बाद ज़मीन के वारिस…सूरा आयत 100/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 98–102. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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