अल-मआरिज · 2/44
अनुवाद उच्चारण — अल-मआरिज
لِّلْكَافِرِينَ لَيْسَ لَهُ دَافِعٌ ۝٢
Lilkaafireen laisa lahoo daafi
📖 हिंदी अर्थ
जिसको कोई टाल नहीं सकता
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • لِلْكَافِرِينَ: इनकार करने वालों के लिए, जो अल्लाह और उसके रसूल को नहीं मानते।
  • لَيْسَ لَهُ دَافِعٌ: उस (अज़ाब) को टालने वाला कोई नहीं, न कोई उसे रोक सकता है और न ही उसे हटा सकता है।

तफ़सीर:

यह आयत उस मुशरिक के जवाब में है जिसने मज़ाक़िया अंदाज़ में अल्लाह से अज़ाब माँगा था और कहा था: "अगर यह अज़ाब सच है तो इसे हम पर ला डालो।" अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि यह अज़ाब उन काफ़िरों के लिए तैयार है, जिन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठलाया और उसके रसूलों की दावत को नकारा। यह अज़ाब क़यामत के दिन ज़रूर आएगा, इसमें कोई शक नहीं। उस दिन कोई ताक़त, कोई सिफ़ारिशी, कोई सरदार या कोई हुकूमत इसे टाल नहीं सकेगी। न धन काम आएगा, न औलाद, न दोस्त, न रिश्तेदार। यह अज़ाब अल्लाह की ओर से है, और अल्लाह के फ़ैसले को कोई बदल नहीं सकता।

याद रखिए, यह अज़ाब सिर्फ़ उन लोगों के लिए है जो हक़ को जानते हुए भी उससे मुँह मोड़ते हैं, और अल्लाह की नेमतों को देखकर भी उसका शुक्र नहीं करते। लेकिन जो लोग ईमान लाए और अच्छे काम किए, उनके लिए इसी अज़ाब से बचाव का रास्ता अल्लाह ने खोल रखा है — वह है तौबा, ईमान और नेक अमल। अल्लाह रहमत वाला है, मगर उसकी पकड़ बहुत सख्त है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने रब की नाफ़रमानी से बचें और उसके दीन को अपनी ज़िंदगी में अपनाएँ, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से न हों जिनके लिए यह अज़ाब तैयार किया गया है। अल्लाह हमें हिदायत दे और अपनी रहमत से नवाज़े। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-4 — अल-मआरिज

1سَأَلَ سَائِلٌ بِعَذَابٍ وَاقِعٍ
एक माँगने वाले ने काफिरों के लिए होकर रहने वाले अज़ाब को माँगा
2لِّلْكَافِرِينَ لَيْسَ لَهُ دَافِعٌ
जिसको कोई टाल नहीं सकता
3مِّنَ اللَّهِ ذِي الْمَعَارِجِ
जो दर्जे वाले ख़ुदा की तरफ से (होने वाला) था
4تَعْرُجُ الْمَلَائِكَةُ وَالرُّوحُ إِلَيْهِ فِي يَوْمٍ كَانَ مِقْدَارُهُ خَمْسِينَ أَلْفَ سَنَةٍ
जिसकी तरफ फ़रिश्ते और रूहुल अमीन चढ़ते हैं (और ये) एक दिन में इतनी मुसाफ़त तय करते हैं जिसका अन्दाज़ा पचास हज़ार बरस का होगा
अल-मआरिजकुरान सूची
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मक्कीRevelation
2आयत

अनुवाद — अल-मआरिज 2

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Tuesday, August 18, 2026

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