अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لِلْكَافِرِينَ: इनकार करने वालों के लिए, जो अल्लाह और उसके रसूल को नहीं मानते।
- لَيْسَ لَهُ دَافِعٌ: उस (अज़ाब) को टालने वाला कोई नहीं, न कोई उसे रोक सकता है और न ही उसे हटा सकता है।
तफ़सीर:
यह आयत उस मुशरिक के जवाब में है जिसने मज़ाक़िया अंदाज़ में अल्लाह से अज़ाब माँगा था और कहा था: "अगर यह अज़ाब सच है तो इसे हम पर ला डालो।" अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि यह अज़ाब उन काफ़िरों के लिए तैयार है, जिन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठलाया और उसके रसूलों की दावत को नकारा। यह अज़ाब क़यामत के दिन ज़रूर आएगा, इसमें कोई शक नहीं। उस दिन कोई ताक़त, कोई सिफ़ारिशी, कोई सरदार या कोई हुकूमत इसे टाल नहीं सकेगी। न धन काम आएगा, न औलाद, न दोस्त, न रिश्तेदार। यह अज़ाब अल्लाह की ओर से है, और अल्लाह के फ़ैसले को कोई बदल नहीं सकता।
याद रखिए, यह अज़ाब सिर्फ़ उन लोगों के लिए है जो हक़ को जानते हुए भी उससे मुँह मोड़ते हैं, और अल्लाह की नेमतों को देखकर भी उसका शुक्र नहीं करते। लेकिन जो लोग ईमान लाए और अच्छे काम किए, उनके लिए इसी अज़ाब से बचाव का रास्ता अल्लाह ने खोल रखा है — वह है तौबा, ईमान और नेक अमल। अल्लाह रहमत वाला है, मगर उसकी पकड़ बहुत सख्त है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने रब की नाफ़रमानी से बचें और उसके दीन को अपनी ज़िंदगी में अपनाएँ, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से न हों जिनके लिए यह अज़ाब तैयार किया गया है। अल्लाह हमें हिदायत दे और अपनी रहमत से नवाज़े। आमीन।
📜 आयत 1-4 — अल-मआरिज
अनुवाद — अल-मआरिज 2
सूरा अल-मआरिज आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसको कोई टाल नहीं सकतासूरा आयत 2/44 — अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मआरिज सुनें, अल-मआरिज अनुवाद, अल-मआरिज mp3, अल-मआरिज pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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