Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَعَالَى جَدُّ رَبِّنَا: हमारे रब की महानता, बुज़ुर्गी और शान बहुत ऊँची है।
- صَاحِبَةً: पत्नी, जीवन-साथी।
- وَلَدًا: संतान, बेटा।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में जिन्नों के उस समूह का ज़िक्र है, जिन्होंने क़ुरआन की आयतें सुनकर ईमान लाया और अपनी क़ौम को उपदेश देते हुए यह सच्चाई बयान की। वे कह रहे हैं कि हमने यह बात निश्चित रूप से जान ली है कि हमारे रब की शान और महानता बहुत ऊँची है। वह हर कमज़ोरी, हर दोष और हर उस चीज़ से पाक है जो उसकी महिमा के अनुकूल नहीं। उसने किसी को अपनी पत्नी नहीं बनाया और न ही उसकी कोई संतान है। यह उन मुशरिकों का खंडन है जो फ़रिश्तों को अल्लाह की बेटियाँ कहते थे, या यहूद-नसारा की तरह कहते थे कि उज़ैर या मसीह अल्लाह के बेटे हैं। अल्लाह इन सब बातों से बिल्कुल पाक और मुकद्दस है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की ज़ात में कोई कमी नहीं, वह हर ऐब से पाक है। उसकी रचना में कोई साझीदार नहीं, न कोई पत्नी और न कोई संतान। वह अकेला है, बेनियाज़ है, और सारी कायनात उसी की मिल्कियत है। जिन्नों ने यह कहकर अपने ईमान की गहराई और तौहीद की समझ को पेश किया, और यही सबसे बड़ी सच्चाई है जो इंसान और जिन्न दोनों को अपने रब के सामने झुकना सिखाती है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की पवित्रता और अल्लाह की बुज़ुर्गी पर ग़ौर करने की तरफ़ बुलाती है। जब जिन्नात — जो इंसानों से छिपे हुए हैं — क़ुरआन सुनकर ईमान ले आए और उन्होंने अल्लाह की पाकी का इक़रार किया, तो हम इंसानों को और अधिक सोचना चाहिए कि जिस किताब ने जिन्नों को बदल दिया, वह कितनी सच्ची और हिदायत वाली किताब है। यह आयत हमें उस रब की तरफ़ बुलाती है जो हर कमी से पाक है, जो सबका पालनहार है, और जिसने हमें इसलिए पैदा किया ताकि हम उसी की इबादत करें। उसकी महानता को समझकर हम अपने दिलों को उसकी मुहब्बत से भर दें, और उसके सिवा किसी से कोई उम्मीद न रखें। यही सच्ची कामयाबी है — कि हम अपने रब की शान को पहचानें, उसकी पाकी बयान करें, और उसी के आगे सिर झुकाएँ।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-जिन्न
अनुवाद — अल-जिन्न 3
सूरा अल-जिन्न आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये कि हमारे परवरदिगार की शान बहुत बड़ी है…सूरा आयत 3/28 — सूरा अल-जिन्न الجن (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-जिन्न सुनें, सूरा अल-जिन्न अनुवाद, सूरा अल-जिन्न mp3, सूरा अल-जिन्न pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-जिन्न
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


