Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ظَنَنَّا: हमने अनुमान लगाया, समझा
- لَن تَقُولَ: कभी नहीं कहेंगे
- عَلَى اللَّهِ كَذِبًا: अल्लाह पर झूठ बोलना (अल्लाह के बारे में झूठी बातें कहना)
तफ़सीर:
यह आयत जिन्नों के उस समूह का कथन है जिन्होंने पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की तिलावत सुनी और ईमान ले आए। वे कह रहे हैं कि हमने पहले यही समझा था कि इंसान और जिन्न में से कोई भी अल्लाह के बारे में झूठ नहीं बोल सकता। हमें यह विश्वास था कि कोई भी प्राणी अल्लाह पर झूठी बातें थोपने की हिम्मत नहीं कर सकता।
लेकिन जब हमने मशरिकीन (बहुदेववादियों) को यह कहते सुना कि अल्लाह की पत्नी और संतान है, तो हम उनकी इन बातों को सच मान बैठे और उनके पीछे चल पड़े। हमने उनके इस झूठ को सच समझ लिया, क्योंकि हमें यह गुमान था कि इंसान और जिन्न अल्लाह के बारे में झूठी बातें नहीं कह सकते। यह हमारी भूल थी कि हमने बिना सोचे-समझे उनकी बातों को सच मान लिया और अल्लाह के बारे में गलत धारणाएँ अपना लीं।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें किसी भी बात को बिना सत्यापन के नहीं मान लेना चाहिए, खासकर अल्लाह के बारे में। अल्लाह पाक है और उसकी पवित्रता के खिलाफ कोई भी बात कहना बहुत बड़ा पाप है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के बारे में वही बातें कहें जो उसने खुद अपने पैगंबरों के माध्यम से बताई हैं।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अंधी पैरवी और बिना सोचे-समझे दूसरों की बातों को मान लेना कितना खतरनाक है। जिन्नों ने भी जब सच्चाई सुनी तो वे ईमान ले आए और अपनी गलती का एहसास किया। हमें भी चाहिए कि हम सत्य की खोज करें और उसे अपनाएँ, चाहे वह हमारे पुराने विश्वासों के खिलाफ ही क्यों न हो।
अल्लाह तआला अपनी पवित्रता और महानता में अकेला है, उसका कोई साथी नहीं, कोई संतान नहीं। वह हर कमी से पाक है। यही सच्चा ईमान है और यही वह रास्ता है जो हमें सच्ची सफलता तक पहुँचाता है।
📜 आयत 3-7 — सूरा अल-जिन्न
अनुवाद — अल-जिन्न 5
सूरा अल-जिन्न आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये कि हमारा तो ख्याल था कि आदमी और…सूरा आयत 5/28 — सूरा अल-जिन्न الجن (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-जिन्न सुनें, सूरा अल-जिन्न अनुवाद, सूरा अल-जिन्न mp3, सूरा अल-जिन्न pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-जिन्न
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


