अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَنُلْقِي – हम डालेंगे / उतारेंगे (यहाँ अर्थ है ‘हम तुम पर उतारेंगे’)
- قَوْلًا – बात / वचन (यहाँ अर्थ है ‘क़ुरआन’)
- ثَقِيلًا – भारी / बोझिल (अर्थात जिसमें गहरे और भारी अर्थ हों)
तफ़सीर:
ऐ नबी! अल्लाह तआला आपको संबोधित करते हुए फ़रमा रहा है कि हम आप पर बहुत जल्द एक ऐसा क़ौल (वचन) उतारेंगे जो अत्यंत भारी और गंभीर है। यह क़ौल कोई साधारण बात नहीं, बल्कि यह क़ुरआन-ए-करीम है — वह किताब जो अपने अंदर पूरी ज़िंदगी का निज़ाम समेटे हुए है। इसमें अल्लाह के आदेश और निषेध हैं, हलाल और हराम की वाज़ेह हदूद हैं, इंसानी ज़िंदगी के हर पहलू के लिए हिदायत है, और आख़िरत की तैयारी का पूरा प्रोग्राम है।
यह ‘भारी’ इसलिए कहा गया कि इसे समझना, इस पर अमल करना, और इसे दूसरों तक पहुँचाना — यह सब एक बड़ी ज़िम्मेदारी है। यह वह किताब है जिसे नाज़िल करने का सिलसिला भी भारी था, और इसके एहकाम पर चलना भी इंसान के लिए संघर्ष और परिश्रम का तक़ाज़ा करता है। मगर यही भारीपन इसकी अज़मत और बरकत की निशानी है — जितना इस पर अमल करोगे, उतनी ही तुम्हारी रूह को राहत और दिल को सुकून मिलेगा।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को तसल्ली दे रहा है कि यह क़ुरआन उतारना हमारी तरफ से है — हम ख़ुद इसकी ज़िम्मेदारी ले रहे हैं। और यही बात हर मोमिन के लिए बशारत है कि जो शख्स क़ुरआन को अपनाएगा, अल्लाह उसे हर मुश्किल में संभालेगा। क़ुरआन का भारी होना उसे छोड़ने का सबब नहीं, बल्कि उसे और गहराई से समझने और उस पर जमकर अमल करने की दावत है। यह वह किताब है जो इंसान को ज़ुल्मात से निकालकर नूर की तरफ ले जाती है, और जो इसे थाम लेता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता।
आओ, हम सब इस भारी अमानत को सीने से लगाएँ, इसे पढ़ें, समझें, और अपनी ज़िंदगी को इसकी रोशनी में ढालें — क्योंकि यही हमारी कामयाबी की कुंजी है।
📜 आयत 3-7 — अल-मुज्जम्मिल
अनुवाद — अल-मुज्जम्मिल 5
सूरा अल-मुज्जम्मिल आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हम अनक़रीब तुम पर एक भारी हुक्म नाज़िल करेंगे इसमें…सूरा आयत 5/20 — अल-मुज्जम्मिल المزمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुज्जम्मिल सुनें, अल-मुज्जम्मिल अनुवाद, अल-मुज्जम्मिल mp3, अल-मुज्जम्मिल pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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