अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नाशिअतुल लैल: रात के वो घंटे जो नींद के बाद उठकर गुज़ारे जाएँ, या रात की शुरुआत के घंटे। कहा गया है कि रात के सभी घंटे इसी में शामिल हैं।
- अशद्दु वत'अन: दिल पर सबसे गहरा प्रभाव डालने वाली, या इबादत के लिए सबसे कठिन और भारी।
- अक़्वमु क़ीलान: सबसे सीधी, सबसे सही और सबसे स्पष्ट बात।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में रात की इबादत की फ़ज़ीलत बयान कर रहे हैं। फ़रमाते हैं कि रात के वो घंटे जो नींद से उठकर इबादत में गुज़ारे जाएँ, वे दिन की इबादत की तुलना में दिल पर सबसे गहरा असर डालते हैं। इसका कारण यह है कि रात में दुनिया के शोर-शराबे, काम-काज और मशग़लों से दिल खाली होता है, इंसान का ध्यान पूरी तरह अल्लाह की ओर लग जाता है, और उसका दिल क़ुरआन की तिलावत और ज़िक्र के साथ पूरी तरह जुड़ जाता है। इसी वजह से रात की इबादत की बात सबसे सीधी, सबसे सही और सबसे स्पष्ट होती है, क्योंकि दिल और ज़ुबान में पूरी तालमेल होती है, और इंसान जो कुछ भी पढ़ता या कहता है, वह दिल की गहराई से निकलता है।
यह भी बताया गया है कि रात की नमाज़ दिन की नमाज़ की तुलना में शरीर पर भारी और कठिन होती है, क्योंकि उस वक़्त इंसान आराम और नींद की हालत में होता है, और उस आराम को छोड़कर इबादत के लिए उठना बड़ी मेहनत का काम है। लेकिन यही कठिनाई उसकी फ़ज़ीलत को और बढ़ा देती है, क्योंकि अल्लाह के लिए की गई मेहनत और कुर्बानी का अज्र बहुत बड़ा होता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि रात का वक़्त अल्लाह से जुड़ने का सबसे बेहतरीन समय है। जब दुनिया सोई होती है, तो इंसान अपने रब के सामने खड़ा होकर उससे बात करता है, और यही वो पल होते हैं जब दिल और रूह को सुकून मिलता है। अगर हम चाहते हैं कि हमारी ज़ुबान सच बोले, हमारा दिल साफ़ हो और हमारी दुआएँ क़ुबूल हों, तो हमें रात की तहज्जुद की आदत डालनी चाहिए। यह न सिर्फ़ हमारी दुनिया को बेहतर बनाएगा, बल्कि आख़िरत की कामयाबी का ज़रिया भी बनेगा। अल्लाह तआला ने रात की इबादत को इतनी अज़ीम फ़ज़ीलत दी है कि यह हमारे गुनाहों की माफ़ी, दिल की सफ़ाई और रूहानी तरक़्क़ी का सबब बनती है। आइए, हम अपनी ज़िंदगी में इस नेअमत को शामिल करें और रात के सन्नाटे में अपने रब से दिल भरकर बात करें।
📜 आयत 4-8 — अल-मुज्जम्मिल
अनुवाद — अल-मुज्जम्मिल 6
सूरा अल-मुज्जम्मिल आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ूब (नफ्स का) पामाल करना और बहुत ठिकाने से ज़िक्र…सूरा आयत 6/20 — अल-मुज्जम्मिल المزمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुज्जम्मिल सुनें, अल-मुज्जम्मिल अनुवाद, अल-मुज्जम्मिल mp3, अल-मुज्जम्मिल pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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