अल-क़ियामा · 34/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़ियामा
أَوْلَىٰ لَكَ فَأَوْلَىٰ ۝٣٤
Awlaa laka fa awlaa
📖 हिंदी अर्थ
अफसोस है तुझ पर फिर अफसोस है फिर तुफ़ है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَوْلَى لَكَ — तुम्हारे लिए विनाश है, तुम्हारे लिए हानि है। यह एक धमकी और चेतावनी का शब्द है।
  • فَأَوْلَى — फिर तुम्हारे लिए विनाश है, फिर तुम्हारे लिए हानि है। यह दोहराव धमकी को और अधिक गंभीर बनाता है।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस काफ़िर के बारे में है जो रसूल (ﷺ) और क़ुरआन पर ईमान नहीं लाया, और न ही उसने अल्लाह के फ़र्ज़ (अनिवार्य) इबादतों को अदा किया। उसने क़ुरआन को झुठलाया और ईमान से मुँह मोड़ लिया। फिर वह अपने घर की ओर इतराता हुआ, अकड़कर चलता गया। अल्लाह तआला उसे धमकी देते हुए कहता है: तुम्हारे लिए विनाश है, फिर तुम्हारे लिए विनाश है। यानी तुम पर अल्लाह की यातना नाज़िल होने वाली है, और यह यातना तुम्हारे बहुत करीब आ चुकी है। यह दोहराव इस बात की ओर इशारा करता है कि यह धमकी सिर्फ़ एक बार नहीं, बल्कि बार-बार और हर हाल में सच होकर रहेगी। यह उस व्यक्ति के लिए कड़ी चेतावनी है जो हक़ (सत्य) से मुँह मोड़ता है और अपने घमंड और अकड़ में जीता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला की नज़र में घमंड और अकड़ कितनी बुरी चीज़ है। जो व्यक्ति सत्य को झुठलाता है और अपने अहंकार में चलता है, उसका अंजाम बहुत बुरा है। हमें चाहिए कि हम अपने जीवन में नम्रता और विनम्रता अपनाएँ, अल्लाह के हुक्मों को मानें और उसके रसूल (ﷺ) की सुन्नत पर चलें। यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसकी धमकी सच्ची है। लेकिन साथ ही, अल्लाह रहम करने वाला भी है — जो कोई तौबा कर ले और अपने कर्म सुधार ले, उसके लिए माफ़ी और जन्नत का दरवाज़ा खुला है। इसलिए हमें जल्दी से जल्दी अपने रब की ओर लौटना चाहिए और उसकी रहमत के साये में आना चाहिए।



📜 आयत 32-36 — सूरा अल-क़ियामा

32وَلَٰكِن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ
मगर झुठलाया और (ईमान से) मुँह फेरा
33ثُمَّ ذَهَبَ إِلَىٰ أَهْلِهِ يَتَمَطَّىٰ
अपने घर की तरफ इतराता हुआ चला
34أَوْلَىٰ لَكَ فَأَوْلَىٰ
अफसोस है तुझ पर फिर अफसोस है फिर तुफ़ है
35ثُمَّ أَوْلَىٰ لَكَ فَأَوْلَىٰ
तुझ पर फिर तुफ़ है
36أَيَحْسَبُ الْإِنسَانُ أَن يُتْرَكَ سُدًى
क्या इन्सान ये समझता है कि वह यूँ ही छोड़ दिया जाएगा
अल-क़ियामाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
34आयत

अनुवाद — अल-क़ियामा 34

सूरा अल-क़ियामा आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अफसोस है तुझ पर फिर अफसोस है फिर तुफ़ है

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Tuesday, September 29, 2026

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