अल-इंसान · 19/31
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-इंसान
۞ وَيَطُوفُ عَلَيْهِمْ وِلْدَانٌ مُّخَلَّدُونَ إِذَا رَأَيْتَهُمْ حَسِبْتَهُمْ لُؤْلُؤًا مَّنثُورًا ۝١٩
Wa yatoofu `alaihim wildaanum mukhalladoona izaa ra aytahum hasibtahum lu`lu `am mansoora
📖 हिंदी अर्थ
और उनके सामने हमेशा एक हालत पर रहने वाले नौजवाल लड़के चक्कर लगाते होंगे कि जब तुम उनको देखो तो समझो कि बिखरे हुए मोती हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • विल्दानुन मुखल्लदून: ऐसे सेवक जो सदैव युवा रहेंगे, कभी बूढ़े नहीं होंगे।
  • लुलुअन मन्सूर: बिखरे हुए मोती, जो प्रकाश बिखेर रहे हों।

तफसीर:

अल्लाह तआला इस आयत में जन्नत के उन सेवकों का वर्णन कर रहे हैं जो जन्नती लोगों की खिदमत के लिए नियुक्त होंगे। ये सेवक हमेशा जवान रहेंगे, उनकी उम्र कभी नहीं बढ़ेगी और न ही वे कभी थकेंगे। वे जन्नत के मेहमानों के चारों ओर घूमकर उन्हें खाने-पीने की चीज़ें पेश करेंगे। इन सेवकों की सूरत इतनी खूबसूरत और चमकदार होगी कि जो कोई उन्हें देखेगा, वह समझेगा कि ये बिखरे हुए मोती हैं। जिस तरह मोती अपनी चमक, सफेदी और सुंदरता में बेमिसाल होते हैं, उसी तरह ये सेवक अपनी खूबसूरती और नूरानी चेहरे की वजह से दिखेंगे। यहाँ "मन्सूर" (बिखरे हुए) कहने का खास मतलब यह है कि जब मोती बिखरे हुए होते हैं तो वे ज्यादा खूबसूरत लगते हैं और उनकी चमक ज्यादा नज़र आती है। ये सेवक अलग-अलग दिशाओं में सेवा के लिए घूमते रहेंगे, इसलिए उनकी तुलना बिखरे मोतियों से की गई।

दावती पहलू:

यह आयत हमें जन्नत की उस नेमत की झलक दिखाती है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। जरा सोचिए, जिस जन्नत के सेवक ही इतने खूबसूरत होंगे कि देखने वाला उन्हें मोती समझे, तो वहाँ की और नेमतें कितनी अद्भुत होंगी! यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम अपने जीवन को अल्लाह की राह में लगाएँ, उसकी इबादत करें और उसके बताए रास्ते पर चलें। जन्नत की ये नेमतें उन लोगों के लिए हैं जो दुनिया में अल्लाह के हुक्मों का पालन करते हैं और अपने आपको बुराइयों से बचाते हैं। यह हमें बताता है कि अल्लाह की रहमत और इनाम का कोई अंत नहीं है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत में अपना समय बिताते हैं, उनके लिए जन्नत में ऐसी नेमतें हैं जिनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। आइए, हम सब इस आयत से सीख लें और अपने अमल को सुधारें ताकि हम भी उन खुशनसीब लोगों में शामिल हो सकें जिनके लिए ये नेमतें तैयार की गई हैं।



📜 आयत 17-21 — सूरा अल-इंसान

17وَيُسْقَوْنَ فِيهَا كَأْسًا كَانَ مِزَاجُهَا زَنجَبِيلًا
और वहाँ उन्हें ऐसी शराब पिलाई जाएगी जिसमें जनजबील (के पानी) की आमेज़िश होगी
18عَيْنًا فِيهَا تُسَمَّىٰ سَلْسَبِيلًا
ये बेहश्त में एक चश्मा है जिसका नाम सलसबील है
19۞ وَيَطُوفُ عَلَيْهِمْ وِلْدَانٌ مُّخَلَّدُونَ إِذَا رَأَيْتَهُمْ حَسِبْتَهُمْ لُؤْلُؤًا مَّنثُورًا
और उनके सामने हमेशा एक हालत पर रहने वाले नौजवाल लड़के चक्कर लगाते होंगे कि जब तुम उनको देखो तो समझो कि बिखरे हुए मोती हैं
20وَإِذَا رَأَيْتَ ثَمَّ رَأَيْتَ نَعِيمًا وَمُلْكًا كَبِيرًا
और जब तुम वहाँ निगाह उठाओगे तो हर तरह की नेअमत और अज़ीमुश शान सल्तनत देखोगे
21عَالِيَهُمْ ثِيَابُ سُندُسٍ خُضْرٌ وَإِسْتَبْرَقٌ ۖ وَحُلُّوا أَسَاوِرَ مِن فِضَّةٍ وَسَقَاهُمْ رَبُّهُمْ شَرَابًا طَهُورًا
उनके ऊपर सब्ज़ क्रेब और अतलस की पोशाक होगी और उन्हें चाँदी के कंगन पहनाए जाएँगे और उनका परवरदिगार उन्हें निहायत पाकीज़ा शराब पिलाएगा
अल-इंसानकुरान सूची
31आयत
मदनीअवतरण स्थान
19आयत

अनुवाद — अल-इंसान 19

सूरा अल-इंसान आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनके सामने हमेशा एक हालत पर रहने वाले नौजवाल…

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Thursday, October 1, 2026

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