अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عَيْنًا: एक स्रोत या चश्मा।
- تُسَمَّى: जिसे नाम दिया गया हो।
- سَلْسَبِيلًا: यह एक ऐसा नाम है जो "सलस" (नरम, आसान) से लिया गया है, यानी वह चश्मा जिसका पानी बहुत नरम, आसानी से गले से उतरने वाला और अत्यंत स्वादिष्ट हो।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में जन्नत के उन नेक बंदों का ज़िक्र किया है जिन्हें वे साकी (पिलाने वाले) चाँदी के बर्तनों में शराब (जो पाक और लज़्ज़तदार हो) पिलाते हैं, और वह शराब अदरक (ज़ंजबील) से मिली हुई होती है। फिर अल्लाह तआला बताता है कि यह शराब उस चश्मे से ली गई है जो जन्नत में है और जिसे "सल्सबील" कहा जाता है। यह नाम इसलिए रखा गया क्योंकि वह चश्मा बहुत नरम, साफ, ठंडा और मीठा है, जो गले से बड़ी आसानी से उतरता है। इसमें दुनिया के अदरक जैसी कोई तीखापन या जलन नहीं होती, बल्कि यह अत्यंत सुखद और आरामदायक है। यह चश्मा जन्नत के नेक बंदों के लिए खास है, और उनकी प्यास बुझाने के लिए अल्लाह ने इसे बनाया है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें जन्नत की उस नेमत की याद दिलाती है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। जन्नत की हर चीज़ में सुख, आराम और खूबसूरती है। वहाँ का पानी भी इतना लज़्ज़तदार है कि उसका नाम ही "सल्सबील" रखा गया। यह हमें बताता है कि अल्लाह की रहमत और इनाम का कोई अंत नहीं है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उनके लिए ऐसी जगह है जहाँ हर दर्द और परेशानी से आज़ादी है। हमें चाहिए कि हम इस नेमत को पाने के लिए दुनिया में नेक काम करें, अल्लाह के हुक्मों पर चलें और उसकी राह में दूसरों को भी बुलाएँ। जन्नत की याद हमें दुनिया की मोहब्बत से बचाती है और हमारे दिलों को अल्लाह की तरफ लगाती है।
📜 आयत 16-20 — अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 18
सूरा अल-इंसान आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये बेहश्त में एक चश्मा है जिसका नाम सलसबील हैसूरा आयत 18/31 — अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इंसान सुनें, अल-इंसान अनुवाद, अल-इंसान mp3, अल-इंसान pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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