अल-इंसान · 18/31
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-इंसान
عَيْنًا فِيهَا تُسَمَّىٰ سَلْسَبِيلًا ۝١٨
Aynan feeha tusammaa salsabeelaa
📖 हिंदी अर्थ
ये बेहश्त में एक चश्मा है जिसका नाम सलसबील है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • عَيْنًا: एक स्रोत या चश्मा।
  • تُسَمَّى: जिसे नाम दिया गया हो।
  • سَلْسَبِيلًا: यह एक ऐसा नाम है जो "सलस" (नरम, आसान) से लिया गया है, यानी वह चश्मा जिसका पानी बहुत नरम, आसानी से गले से उतरने वाला और अत्यंत स्वादिष्ट हो।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में जन्नत के उन नेक बंदों का ज़िक्र किया है जिन्हें वे साकी (पिलाने वाले) चाँदी के बर्तनों में शराब (जो पाक और लज़्ज़तदार हो) पिलाते हैं, और वह शराब अदरक (ज़ंजबील) से मिली हुई होती है। फिर अल्लाह तआला बताता है कि यह शराब उस चश्मे से ली गई है जो जन्नत में है और जिसे "सल्सबील" कहा जाता है। यह नाम इसलिए रखा गया क्योंकि वह चश्मा बहुत नरम, साफ, ठंडा और मीठा है, जो गले से बड़ी आसानी से उतरता है। इसमें दुनिया के अदरक जैसी कोई तीखापन या जलन नहीं होती, बल्कि यह अत्यंत सुखद और आरामदायक है। यह चश्मा जन्नत के नेक बंदों के लिए खास है, और उनकी प्यास बुझाने के लिए अल्लाह ने इसे बनाया है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें जन्नत की उस नेमत की याद दिलाती है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। जन्नत की हर चीज़ में सुख, आराम और खूबसूरती है। वहाँ का पानी भी इतना लज़्ज़तदार है कि उसका नाम ही "सल्सबील" रखा गया। यह हमें बताता है कि अल्लाह की रहमत और इनाम का कोई अंत नहीं है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उनके लिए ऐसी जगह है जहाँ हर दर्द और परेशानी से आज़ादी है। हमें चाहिए कि हम इस नेमत को पाने के लिए दुनिया में नेक काम करें, अल्लाह के हुक्मों पर चलें और उसकी राह में दूसरों को भी बुलाएँ। जन्नत की याद हमें दुनिया की मोहब्बत से बचाती है और हमारे दिलों को अल्लाह की तरफ लगाती है।



📜 आयत 16-20 — सूरा अल-इंसान

16قَوَارِيرَ مِن فِضَّةٍ قَدَّرُوهَا تَقْدِيرًا
और शीशे भी (काँच के नहीं) चाँदी के जो ठीक अन्दाज़े के मुताबिक बनाए गए हैं
17وَيُسْقَوْنَ فِيهَا كَأْسًا كَانَ مِزَاجُهَا زَنجَبِيلًا
और वहाँ उन्हें ऐसी शराब पिलाई जाएगी जिसमें जनजबील (के पानी) की आमेज़िश होगी
18عَيْنًا فِيهَا تُسَمَّىٰ سَلْسَبِيلًا
ये बेहश्त में एक चश्मा है जिसका नाम सलसबील है
19۞ وَيَطُوفُ عَلَيْهِمْ وِلْدَانٌ مُّخَلَّدُونَ إِذَا رَأَيْتَهُمْ حَسِبْتَهُمْ لُؤْلُؤًا مَّنثُورًا
और उनके सामने हमेशा एक हालत पर रहने वाले नौजवाल लड़के चक्कर लगाते होंगे कि जब तुम उनको देखो तो समझो कि बिखरे हुए मोती हैं
20وَإِذَا رَأَيْتَ ثَمَّ رَأَيْتَ نَعِيمًا وَمُلْكًا كَبِيرًا
और जब तुम वहाँ निगाह उठाओगे तो हर तरह की नेअमत और अज़ीमुश शान सल्तनत देखोगे
अल-इंसानकुरान सूची
31आयत
मदनीअवतरण स्थान
18आयत

अनुवाद — अल-इंसान 18

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Wednesday, September 30, 2026

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