अन-नाज़ियात · 25/46
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नाज़ियात
فَأَخَذَهُ اللَّهُ نَكَالَ الْآخِرَةِ وَالْأُولَىٰ ۝٢٥
Fa-akha zahul laahu nakalal aakhirati wal-oola
📖 हिंदी अर्थ
तो ख़ुदा ने उसे दुनिया और आख़ेरत (दोनों) के अज़ाब में गिरफ्तार किया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • नकाल का अर्थ है दंड, सज़ा या ऐसी सज़ा जो दूसरों के लिए सबक बन जाए।
  • आख़िरत का अर्थ है परलोक (आने वाला जीवन)।
  • ऊला का अर्थ है पहला (दुनिया का जीवन)।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब फ़िरऔन ने अपनी सारी प्रजा को इकट्ठा करके घोषणा की, "मैं तुम्हारा सबसे बड़ा रब हूँ," और इस तरह उसने अल्लाह की नाफ़रमानी और सरकशी की हद पार कर दी, तो अल्लाह ने उसे अपनी पकड़ में ले लिया। यह पकड़ ऐसी थी जो दुनिया और आख़िरत दोनों में उसके लिए दंड और सबक बन गई।

अल्लाह ने उसे दुनिया में समुद्र में डुबोकर दंड दिया, और आख़िरत में उसे सबसे कठोर यातना में डाला। यह दंड केवल फ़िरऔन के लिए नहीं था, बल्कि उसके जैसे सभी विद्रोहियों और अत्याचारियों के लिए एक चेतावनी और शिक्षा बन गया।

इस घटना में उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत है जो सीखना चाहते हैं और अपने कर्मों से सबक लेना चाहते हैं। फ़िरऔन के पास अपार शक्ति, धन और सैन्य बल था, लेकिन जब अल्लाह की पकड़ आई, तो कोई ताकत उसे बचा नहीं सकी।

यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षा है कि हम कभी भी अपनी ताकत, धन या पद पर घमंड न करें। अल्लाह की शक्ति सबसे ऊपर है, और वह हर उस व्यक्ति को दंड देता है जो उसकी नाफ़रमानी करता है। साथ ही, यह हमें याद दिलाता है कि अल्लाह की रहमत असीम है, और जो लोग उसकी ओर लौटते हैं, उनके लिए क्षमा और मार्गदर्शन हमेशा मौजूद है।

आइए हम फ़िरऔन के अंजाम से सीख लें और अपने जीवन में अल्लाह की आज्ञा का पालन करें, क्योंकि सच्ची सफलता उसी में है जो अल्लाह को पसंद है।



📜 आयत 23-27 — सूरा अन-नाज़ियात

23فَحَشَرَ فَنَادَىٰ
फिर (लोगों को) जमा किया और बुलन्द आवाज़ से चिल्लाया
24فَقَالَ أَنَا رَبُّكُمُ الْأَعْلَىٰ
तो कहने लगा मैं तुम लोगों का सबसे बड़ा परवरदिगार हूँ
25فَأَخَذَهُ اللَّهُ نَكَالَ الْآخِرَةِ وَالْأُولَىٰ
तो ख़ुदा ने उसे दुनिया और आख़ेरत (दोनों) के अज़ाब में गिरफ्तार किया
26إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَعِبْرَةً لِّمَن يَخْشَىٰ
बेशक जो शख़्श (ख़ुदा से) डरे उसके लिए इस (किस्से) में इबरत है
27أَأَنتُمْ أَشَدُّ خَلْقًا أَمِ السَّمَاءُ ۚ بَنَاهَا
भला तुम्हारा पैदा करना ज्यादा मुश्किल है या आसमान का
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अनुवाद — अन-नाज़ियात 25

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Thursday, October 1, 2026

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