अन-नाज़ियात · 24/46
अनुवाद उच्चारण — अन-नाज़ियात
فَقَالَ أَنَا رَبُّكُمُ الْأَعْلَىٰ ۝٢٤
Faqala ana rabbu kumul-a`laa
📖 हिंदी अर्थ
तो कहने लगा मैं तुम लोगों का सबसे बड़ा परवरदिगार हूँ
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • "अना रब्बुकुमुल आ'ला": मैं तुम्हारा सबसे ऊँचा रब (पालनहार) हूँ।

तफ़सीर:

जब फ़िरऔन ने अपनी क़ौम और अपने दरबार के लोगों को इकट्ठा किया, तो उसने घमंड और अकड़ में आकर यह घोषणा की: "मैं तुम्हारा सबसे ऊँचा रब हूँ!" उसका यह दावा था कि मेरे ऊपर कोई और शासक या पालनहार नहीं है, और मेरी आज्ञा के बिना तुम्हारे लिए कुछ भी जायज़ नहीं है। वह अल्लाह की रबूबियत (पालनहारगी) को चुनौती दे रहा था और अपने आप को सर्वोच्च मान बैठा था।

यह फ़िरऔन की उस हद तक पहुँची सरकशी और कुफ़्र का आख़िरी पड़ाव था, जब उसने खुद को ख़ुदा कहलाने की जुर्रत की। लेकिन अल्लाह ने उसके इस घमंड का अंजाम बहुत बुरा किया — उसे दुनिया में भी अज़ाब दिया (डूबोकर) और आख़िरत में भी उसे सख्त सज़ा मिलेगी। उसकी यह हालत आने वाली नस्लों के लिए एक सबक़ और नसीहत बन गई।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि इंसान चाहे कितना भी ताक़तवर, अमीर या बड़ा बन जाए, उसे कभी यह नहीं भूलना चाहिए कि असली रब और मालिक सिर्फ अल्लाह है। घमंड और अकड़ इंसान को इस हद तक ले जा सकती है कि वह अपने रब को भी भूल जाए, लेकिन अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। जो लोग उसकी नाफ़रमानी करते हैं और दूसरों को भी अपनी बात मानने पर मजबूर करते हैं, वे फ़िरऔन के रास्ते पर चल रहे हैं।

हमें चाहिए कि हम हमेशा अल्लाह के सामने झुकें, उसकी बड़ाई का एहतराम करें और कभी भी अपने आप को दूसरों से बड़ा या बेहतर न समझें। याद रखें, जिसने भी अल्लाह के मुक़ाबले में अपनी बड़ाई जताने की कोशिश की, उसका अंजाम बर्बादी के सिवा कुछ नहीं था। अल्लाह हमें घमंड और अकड़ से बचाए और हमें अपनी रबूबियत को क़बूल करने वाला बनाए। आमीन।

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📜 आयत 22-26 — अन-नाज़ियात

22ثُمَّ أَدْبَرَ يَسْعَىٰ
फिर पीठ फेर कर (ख़िलाफ़ की) तदबीर करने लगा
23فَحَشَرَ فَنَادَىٰ
फिर (लोगों को) जमा किया और बुलन्द आवाज़ से चिल्लाया
24فَقَالَ أَنَا رَبُّكُمُ الْأَعْلَىٰ
तो कहने लगा मैं तुम लोगों का सबसे बड़ा परवरदिगार हूँ
25فَأَخَذَهُ اللَّهُ نَكَالَ الْآخِرَةِ وَالْأُولَىٰ
तो ख़ुदा ने उसे दुनिया और आख़ेरत (दोनों) के अज़ाब में गिरफ्तार किया
26إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَعِبْرَةً لِّمَن يَخْشَىٰ
बेशक जो शख़्श (ख़ुदा से) डरे उसके लिए इस (किस्से) में इबरत है
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अनुवाद — अन-नाज़ियात 24

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Tuesday, August 18, 2026

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