अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بُرِّزَتْ: प्रकट कर दी जाएगी, सामने ला दी जाएगी, खोलकर दिखा दी जाएगी।
- الْجَحِيمُ: नर्क, जहन्नम की आग।
- لِمَنْ يَرَىٰ: हर उस व्यक्ति के लिए जो देखने वाला हो, यानी आँखों से प्रत्यक्ष रूप से।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़यामत की वह महान घड़ी आएगी और दूसरी सूर (नरसिंगा) फूँकी जाएगी, तो सारे लोग अपनी कब्रों से उठ खड़े होंगे। उस दिन अल्लाह तआला जहन्नम को खोलकर सबके सामने प्रकट कर देगा, और वह इतनी स्पष्ट होगी कि हर देखने वाला उसे अपनी आँखों से देख लेगा। कोई भी उसे देखने से नहीं बच सकेगा, न छिप सकेगा। यह दृश्य इतना भयानक होगा कि हर इंसान उसे देखकर काँप उठेगा।
यहाँ "لِمَنْ يَرَىٰ" का अर्थ है कि जहन्नम को हर उस व्यक्ति के सामने लाया जाएगा जो देखने की क्षमता रखता है — चाहे वह मोमिन हो या काफ़िर। कुछ मुफ़स्सिरीन ने कहा है कि इसका ख़ास मतलब काफ़िरों से है, क्योंकि वही हैं जो उसमें डाले जाएँगे और उसकी आग का अज़ाब चखेंगे। लेकिन सामान्य अर्थ यह है कि क़यामत के दिन जहन्नम को इस तरह पेश किया जाएगा कि हर आँख उसे देख लेगी — यह अल्लाह की क़ुदरत का एक अज़ीम मंज़र होगा।
यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाती है जब हर इंसान अपने आमाल (कर्मों) के साथ हाज़िर होगा। जो लोग दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं और उसके अज़ाब से ग़ाफ़िल रहते हैं, उनके लिए यह दिन सबसे सख़्त होगा। लेकिन जो लोग दुनिया में अल्लाह से डरते हैं और उसकी राह पर चलते हैं, उनके लिए यह दिन रहमत और निजात का होगा।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सचेत करती है कि क़यामत का दिन कोई मज़ाक़ नहीं है। जहन्नम की आग आज हमें दिखाई नहीं देती, लेकिन उस दिन वह हर देखने वाले के सामने होगी। अल्लाह तआला ने हमें दुनिया में मौका दिया है कि हम अपने आमाल सुधार लें, तौबा कर लें, और अपने रब की रहमत के तलबगार बन जाएँ। यही वह रास्ता है जो हमें उस आग से बचाकर जन्नत की तरफ ले जाता है। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालें, ताकि उस दिन हमारा सामना जहन्नम से न हो, बल्कि हम जन्नत की नेमतों से नवाज़े जाएँ। अल्लाह हम सबको समझ दे और सीधी राह पर चलाए। आमीन।
📜 आयत 34-38 — अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 36
सूरा अन-नाज़ियात आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जहन्नुम देखने वालों के सामने ज़ाहिर कर दी जाएगीसूरा आयत 36/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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