अन-नाज़ियात · 37/46
अनुवाद उच्चारण — अन-नाज़ियात
فَأَمَّا مَن طَغَىٰ ۝٣٧
Fa ammaa man taghaa
📖 हिंदी अर्थ
तो जिसने (दुनिया में) सर उठाया था

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • طَغَى (तग़ा): हद से बढ़ जाना, सरकशी करना, अल्लाह की आज्ञा का उल्लंघन करते हुए ज़ुल्म और कुफ्र में हद से आगे निकल जाना।

तफ़सीर:

जब अल्लाह तआला क़यामत के दिन इंसानों का हिसाब लेगा, तो लोग दो समूहों में बँट जाएँगे। एक समूह उन लोगों का होगा जिन्होंने अपने रब की नाफ़रमानी में हद से तजावुज़ किया, यानी उन्होंने अल्लाह के हुक्मों को ठुकराया, उसकी आयतों को झुठलाया और अपनी सरकशी में इस क़दर आगे बढ़ गए कि उन्होंने दुनिया की ख़्वाहिशों को आख़िरत पर तरजीह दी। उन्होंने अपनी ज़िंदगी का मक़सद सिर्फ़ दुनिया की लज़्ज़तें और माल-दौलत हासिल करना बना लिया, और अल्लाह के सामने झुकने, उसकी इबादत करने और उसके दीन पर चलने से इनकार कर दिया। ऐसे लोगों का अंजाम बहुत बुरा होगा — वे जहन्नुम की आग में डाले जाएँगे, जहाँ उन्हें हमेशा के लिए अज़ाब दिया जाएगा।

यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त की तरफ़ इशारा करती है कि जो शख्स अल्लाह की तरफ़ से मिले हिदायत के रास्ते को छोड़कर अपनी नफ़्स की ख्वाहिशों का ग़ुलाम बन जाता है, और अपने रब के सामने सरकशी करता है, वह अपने लिए तबाही का सामान खुद तैयार करता है। लेकिन अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहीम है — उसने हमें मौका दिया है कि हम अपनी ज़िंदगी में लौट आएँ, अपने गुनाहों से तौबा करें, और उसकी राह पर चलें। जो शख्स दुनिया में अल्लाह के आगे झुक जाए, उसके हुक्मों को माने और आख़िरत को अपनी आँखों के सामने रखे, उसके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी है। याद रखिए, यह दुनिया फ़ानी है, और असली कामयाबी उसी की है जो अल्लाह की रज़ा को अपना निशाना बनाए और अपनी ज़िंदगी को उसके दीन के मुताबिक़ गुज़ारे। अल्लाह हम सबको सीधी राह दिखाए और हमें उन लोगों में से बनाए जो उसके सामने झुकते हैं, सरकशी नहीं करते। आमीन।



📜 आयत 35-39 — अन-नाज़ियात

35يَوْمَ يَتَذَكَّرُ الْإِنسَانُ مَا سَعَىٰ
जिस दिन इन्सान अपने कामों को कुछ याद करेगा
36وَبُرِّزَتِ الْجَحِيمُ لِمَن يَرَىٰ
और जहन्नुम देखने वालों के सामने ज़ाहिर कर दी जाएगी
37فَأَمَّا مَن طَغَىٰ
तो जिसने (दुनिया में) सर उठाया था
38وَآثَرَ الْحَيَاةَ الدُّنْيَا
और दुनियावी ज़िन्दगी को तरजीह दी थी
39فَإِنَّ الْجَحِيمَ هِيَ الْمَأْوَىٰ
उसका ठिकाना तो यक़ीनन दोज़ख़ है
अन-नाज़ियातकुरान सूची
46आयत
मक्कीRevelation
37आयत

अनुवाद — अन-नाज़ियात 37

सूरा अन-नाज़ियात आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जिसने (दुनिया में) सर उठाया था

सूरा आयत 37/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Wednesday, August 19, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए