अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَلَّا: हरगिज़ नहीं, ऐसा नहीं है।
- بَلْ: बल्कि, अपितु।
- رَانَ: ग़ालिब आ गया, छा गया, जंग लग गया (जैसे लोहे पर जंग चढ़ जाती है)।
- عَلَى قُلُوبِهِم: उनके दिलों पर।
- مَا كَانُوا يَكْسِبُونَ: वह (गुनाह) जो वे कमाते थे, यानी उनके आमाल और गुनाह।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हरगिज़ नहीं! यह बात बिल्कुल ग़लत है जो ये मुनकिरीन कहते हैं कि यह क़ुरआन पुराने लोगों की कहानियाँ हैं। हक़ीक़त यह है कि इनके दिलों पर इनके किए हुए गुनाहों का ज़ंग चढ़ गया है, जिसने इनके दिलों को ढक लिया है और सच्चाई को देखने की क़ाबिलियत खत्म कर दी है।
जिस तरह लोहे पर जंग चढ़ने से उसकी चमक खत्म हो जाती है और वह किसी काम का नहीं रहता, उसी तरह जब इंसान लगातार गुनाह करता है, तो उसके दिल पर एक के बाद एक गुनाहों का नशान चढ़ता जाता है। धीरे-धीरे यह नशान मोटा होकर दिल को पूरी तरह ढक लेता है, और इंसान की फ़ितरत (स्वभाव) इतनी खराब हो जाती है कि वह हक़ को हक़ नहीं देख पाता और बातिल को बातिल नहीं समझ पाता।
यही वजह है कि जब इनके सामने क़ुरआन की आयतें पढ़ी जाती हैं, तो ये उन्हें झूठ कहते हैं और कहते हैं कि ये अगले लोगों की कहानियाँ हैं। हालाँकि हक़ीक़त यह है कि यह अल्लाह का कलाम है, लेकिन इनके दिलों पर गुनाहों का ज़ंग चढ़ जाने की वजह से ये इसे समझ नहीं पाते।
यह आयत हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है। यह हमें बताती है कि गुनाह सिर्फ़ आख़िरत में अज़ाब का सबब नहीं बनते, बल्कि दुनिया में ही इंसान के दिल को अंधा कर देते हैं। जो इंसान जितने ज़्यादा गुनाह करता है, उसका दिल उतना ही सख्त होता जाता है और हक़ को क़बूल करने से इनकार करता जाता है।
इसलिए हमें चाहिए कि हम गुनाहों से बचें और छोटे-छोटे गुनाहों को भी हल्का न समझें, क्योंकि यही छोटे-छोटे गुनाह जमा होकर दिल पर ज़ंग बन जाते हैं। और अगर कभी गुनाह हो जाए, तो फौरन तौबा करें और अल्लाह से माफ़ी माँगें, ताकि हमारे दिल साफ़ रहें और हक़ को क़बूल करने की तौफ़ीक़ मिलती रहे।
याद रखिए, अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है। वह चाहता है कि हमारे दिल साफ़ रहें और हम सीधी राह पर चलें। जो लोग गुनाहों से बचते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं, उनके दिल रोशन रहते हैं और वे दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होते हैं।
📜 आयत 12-16 — अल-मुतफ्फिफीन
अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 14
सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : नहीं नहीं बात ये है कि ये लोग जो आमाल…सूरा आयत 14/36 — अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुतफ्फिफीन सुनें, अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, अल-मुतफ्फिफीन mp3, अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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