Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَلَّا: हरगिज़ नहीं, यह सच नहीं है (यहाँ यह इन्कार और डाँट के लिए है)
- عَن رَّبِّهِمْ: अपने रब से
- يَوْمَئِذٍ: उस दिन (यानी क़ियामत के दिन)
- لَّمَحْجُوبُونَ: ज़रूर पर्दे में डाले जाएँगे, रोके जाएँगे (यानी उन्हें देखने से वंचित कर दिया जाएगा)
विस्तृत तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में उन काफ़िरों और मुन्किरों की हालत बयान कर रहे हैं जो रोज़े-जज़ा को झुठलाते थे और अल्लाह की आयतों को बेकार बातें कहते थे। अल्लाह फ़रमाता है: हरगिज़ नहीं! यह बिल्कुल वैसा नहीं है जैसा ये लोग समझते हैं। ये काफ़िर और मुन्किर क़ियामत के दिन अपने रब की रौनक़-भरी ज़ियारत से ज़रूर महरूम रहेंगे। उन पर अल्लाह की रहमत और करम के दरवाज़े बंद कर दिए जाएँगे, और वे अपने रब को देखने की नेअमत से वंचित रहेंगे।
यह आयत उस बड़ी सच्चाई की तरफ़ इशारा करती है कि मोमिनीन के लिए अल्लाह की ज़ियारत सबसे बड़ी नेअमत है। जिस तरह काफ़िरों को उस दिन अल्लाह की ज़ियारत से महरूम रखा जाएगा, उसी तरह मोमिनीन को जन्नत में अपने रब की ज़ियारत का शरफ़ हासिल होगा। यह मोमिनीन के लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है कि उन्हें वह नेअमत मिलेगी जो काफ़िरों से छीन ली जाएगी।
इस आयत में एक बहुत बड़ी चेतावनी है कि जो लोग दुनिया में अल्लाह की याद से ग़ाफ़िल रहे और उसकी आयतों को झुठलाते रहे, वे आख़िरत में अल्लाह की रहमत और उसकी ज़ियारत से महरूम कर दिए जाएँगे। यह उनके लिए सबसे बड़ी सज़ा होगी।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने रब से कैसा रिश्ता रखते हैं। क्या हम उसकी इबादत और याद में अपना वक़्त गुज़ारते हैं? क्या हम उसकी आयतों पर ग़ौर करते हैं? अगर हम दुनिया में अल्लाह से मुहब्बत रखेंगे और उसकी इबादत करेंगे, तो आख़िरत में उसकी ज़ियारत हमारे लिए सबसे बड़ी नेअमत होगी। लेकिन अगर हम उससे ग़ाफ़िल रहे, तो यही महरूमी हमारे लिए सबसे बड़ी सज़ा बन जाएगी। अल्लाह हमें अपनी ज़ियारत की नेअमत से नवाज़े, आमीन।
📜 आयत 13-17 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 15
सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ये लोग उस दिन अपने परवरदिगार (की रहमत से)…सूरा आयत 15/36 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुतफ्फिफीन सुनें, सूरा अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, सूरा अल-मुतफ्फिफीन mp3, सूरा अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुतफ्फिफीन
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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