अल-मुतफ्फिफीन · 6/36
अनुवाद उच्चारण — अल-मुतफ्फिफीन
يَوْمَ يَقُومُ النَّاسُ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ ۝٦
Yawma yaqoomun naasu li Rabbil `aalameen
📖 हिंदी अर्थ
जिस दिन तमाम लोग सारे जहाँन के परवरदिगार के सामने खड़े होंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَقُومُ النَّاسُ: लोग (अपनी क़ब्रों से) उठ खड़े होंगे।
  • لِرَبِّ الْعَالَمِينَ: सारे जहानों के पालनहार (अल्लाह) के हुक्म की ता'मील के लिए।

तफ़सीर:

यह आयत उस भयानक दिन का वर्णन कर रही है जब सभी लोग—चाहे वे नाप-तौल में कमी करने वाले हों या कोई और—अपनी क़ब्रों से उठकर अल्लाह रब्बुल आलमीन के सामने हाज़िर होंगे। यह वह दिन है जब हर इंसान अपने अमल का हिसाब देने के लिए खड़ा होगा, और अल्लाह तआला अपने बंदों के छोटे-बड़े हर काम का मुक़ाबला करेगा।

इस आयत में उन लोगों को सख़्त तनबीह की गई है जो नाप-तौल में कमी करते हैं—जब वे दूसरों से चीज़ें खरीदते हैं तो पूरा-पूरा लेते हैं, लेकिन जब बेचते हैं तो नाप-तौल में घटाते हैं। ऐसे लोगों के लिए बड़ा अज़ाब है, और यह आयत उन्हें याद दिलाती है कि क्या उन्हें यक़ीन नहीं कि वे उस दिन उठाए जाएँगे जब सब कुछ खुला होगा?

यह दिन इतना सख़्त होगा कि लोग अपने रब के सामने हाज़िर होंगे, और वहाँ कोई सिफ़ारिश या बहाना काम नहीं आएगा। अल्लाह तआला उस दिन हर इंसान से उसके अमल का हिसाब लेगा—चाहे वह कितना ही छोटा या बड़ा क्यों न हो।

दावती पहलू:

यह आयत हमें ज़िंदगी की हक़ीक़त याद दिलाती है कि यह दुनिया आख़िरी मंज़िल नहीं, बल्कि एक इम्तिहान की जगह है। जो लोग दुनिया में धोखा देते हैं, नाप-तौल में कमी करते हैं, या दूसरों के हक़ मारते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि अल्लाह सब कुछ देख रहा है और एक दिन वे उसके सामने खड़े होंगे। यही वह दिन है जब नेक लोगों को उनकी नेकी का फल मिलेगा और बुरे लोगों को उनकी सज़ा।

इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने हर काम में ईमानदारी और दियानतदारी अपनाएँ, क्योंकि अल्लाह तआला ने हमें इस दुनिया में भेजा है ताकि हम उसकी इबादत करें और उसके हुक्मों पर चलें। जो लोग इस हक़ीक़त को समझ लेंगे, वे दुनिया में भी कामयाब होंगे और आख़िरत में भी। अल्लाह हमें उस दिन की फ़िक्र करने और नेक अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 4-8 — अल-मुतफ्फिफीन

4أَلَا يَظُنُّ أُولَٰئِكَ أَنَّهُم مَّبْعُوثُونَ
क्या ये लोग इतना भी ख्याल नहीं करते
5لِيَوْمٍ عَظِيمٍ
कि एक बड़े (सख्त) दिन (क़यामत) में उठाए जाएँगे
6يَوْمَ يَقُومُ النَّاسُ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ
जिस दिन तमाम लोग सारे जहाँन के परवरदिगार के सामने खड़े होंगे
7كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْفُجَّارِ لَفِي سِجِّينٍ
सुन रखो कि बदकारों के नाम ए अमाल सिज्जीन में हैं
8وَمَا أَدْرَاكَ مَا سِجِّينٌ
तुमको क्या मालूम सिज्जीन क्या चीज़ है
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अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 6

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Tuesday, August 18, 2026

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