अल-मुतफ्फिफीन · 5/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
لِيَوْمٍ عَظِيمٍ ۝٥
Li Yawmin `Azeem
📖 हिंदी अर्थ
कि एक बड़े (सख्त) दिन (क़यामत) में उठाए जाएँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • लियौमिन अज़ीम: उस महान दिन के लिए, जिसका अर्थ है क़ियामत का दिन।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन लोगों के लिए चेतावनी और डरावनी घोषणा है जो नाप-तौल में कमी करते हैं, यानी जब वे दूसरों से चीज़ें खरीदते हैं तो पूरा हक़ लेते हैं, लेकिन जब दूसरों को बेचते हैं तो नाप-तौल में कमी करते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि क्या इन लोगों को यक़ीन नहीं कि वे एक महान दिन के लिए उठाए जाएँगे?

वह दिन कितना भयानक और अज़ीम होगा! जिस दिन सारे इंसान अल्लाह रब्बुल आलमीन के सामने खड़े होंगे, और उनसे उनके छोटे-बड़े हर अमल का हिसाब लिया जाएगा। यह वह दिन है जिसमें हर इंसान अपने किए गए कर्मों का सामना करेगा, और जो लोग दुनिया में दूसरों का हक़ मारते थे, नाप-तौल में धोखा देते थे, वे उस दिन अपनी सारी करतूतों का सामना करने के लिए मजबूर होंगे।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला की नज़र हर छोटी-बड़ी चीज़ पर है, और कोई भी अमल उससे छिपा नहीं है। जो लोग दुनिया में दूसरों को धोखा देते हैं, वे यह समझ लें कि उनका धोखा अल्लाह से छिपा नहीं रहेगा, और उस दिन उन्हें अपने किए की सज़ा ज़रूर मिलेगी।

इस आयत में हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपने हर काम में ईमानदारी और दयालुता अपनाएँ, क्योंकि इस्लाम हमें सिखाता है कि हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा हम चाहते हैं कि हमारे साथ किया जाए। अल्लाह तआला ने हमें हर अच्छे काम का इनाम देने का वादा किया है, और हर बुरे काम की सज़ा से डराया है। आओ हम अपने जीवन को ईमानदारी, सच्चाई और नेकी पर बनाएँ, ताकि उस महान दिन पर हमारा हिसाब आसान हो और हम अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें।



📜 आयत 3-7 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

3وَإِذَا كَالُوهُمْ أَو وَّزَنُوهُمْ يُخْسِرُونَ
और जब उनकी नाप या तौल कर दें तो कम कर दें
4أَلَا يَظُنُّ أُولَٰئِكَ أَنَّهُم مَّبْعُوثُونَ
क्या ये लोग इतना भी ख्याल नहीं करते
5لِيَوْمٍ عَظِيمٍ
कि एक बड़े (सख्त) दिन (क़यामत) में उठाए जाएँगे
6يَوْمَ يَقُومُ النَّاسُ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ
जिस दिन तमाम लोग सारे जहाँन के परवरदिगार के सामने खड़े होंगे
7كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْفُجَّارِ لَفِي سِجِّينٍ
सुन रखो कि बदकारों के नाम ए अमाल सिज्जीन में हैं
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
5आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 5

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि एक बड़े (सख्त) दिन (क़यामत) में उठाए जाएँगे

सूरा आयत 5/36 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुतफ्फिफीन सुनें, सूरा अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, सूरा अल-मुतफ्फिफीन mp3, सूरा अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.





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Tuesday, September 29, 2026

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