अल-आला · 4/19
अनुवाद उच्चारण — अल-आला
وَالَّذِي أَخْرَجَ الْمَرْعَىٰ ۝٤
Wallazeee akhrajal mar`aa
📖 हिंदी अर्थ
और जिसने (हैवानात के लिए) चारा उगाया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَخْرَجَ (अख़रजा): निकाला, उगाया।
  • الْمَرْعَى (अल-मर'आ): चारागाह, वह हरी-भरी घास और वनस्पति जिसे जानवर चरते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला उस ज़ात की तारीफ़ कर रहा है जिसने धरती से चारागाह निकाला, यानी वह हरी-भरी घास, वनस्पति और पेड़-पौधे उगाए जो जानवरों के लिए चारे का ज़रिया बनते हैं। यह अल्लाह की कुदरत का एक अज़ीम नमूना है कि वह बेजान ज़मीन से तरह-तरह की रंग-बिरंगी, फायदेमंद और पोषण से भरपूर नबातात उगाता है। फिर उसी हरी-भरी घास को वह सूखा हुआ कूड़ा-कचरा बना देता है जो बदरंग और बेकार हो जाता है। यह अल्लाह की कुदरत का एक अज़ीम नमूना है कि वह बेजान ज़मीन से तरह-तरह की रंग-बिरंगी, फायदेमंद और पोषण से भरपूर नबातात उगाता है। फिर उसी हरी-भरी घास को वह सूखा हुआ कूड़ा-कचरा बना देता है जो बदरंग और बेकार हो जाता है। इस आयत में अल्लाह की रबूबियत और उसकी तदबीर की तरफ इशारा है कि जिस तरह वह ज़मीन से चारा उगाता है, उसी तरह वह इंसानों को रिज़्क़ देता है और उनकी परवरिश करता है। यह भी एक निशानी है कि जो अल्लाह घास को सूखा कर देता है, वही क़यामत के दिन मुर्दों को ज़िंदा करने पर भी क़ादिर है।

इस आयत से हमें सबक़ लेना चाहिए कि अल्लाह की नेअमतों पर ग़ौर करें और उसका शुक्र अदा करें। जिस रब ने हमारे लिए ज़मीन से चारागाह उगाए और जानवरों के लिए रिज़्क़ का इंतज़ाम किया, वह हमारी हर ज़रूरत को पूरा करने वाला है। हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत करें, उसकी नेअमतों का सही इस्तेमाल करें और उसकी रहमत से कभी निराश न हों। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि दुनिया की ज़िंदगी चाहे कितनी भी ख़ूबसूरत और हरी-भरी क्यों न हो, एक दिन ख़त्म होने वाली है, इसलिए आख़िरत की तैयारी ज़रूरी है। अल्लाह की कुदरत पर ईमान लाना और उसकी नेअमतों का शुक्रिया अदा करना ही असली कामयाबी है।

🎧 सुनें

📜 आयत 2-6 — अल-आला

2الَّذِي خَلَقَ فَسَوَّىٰ
जिसने (हर चीज़ को) पैदा किया
3وَالَّذِي قَدَّرَ فَهَدَىٰ
और दुरूस्त किया और जिसने (उसका) अन्दाज़ा मुक़र्रर किया फिर राह बतायी
4وَالَّذِي أَخْرَجَ الْمَرْعَىٰ
और जिसने (हैवानात के लिए) चारा उगाया
5فَجَعَلَهُ غُثَاءً أَحْوَىٰ
फिर ख़ुश्क उसे सियाह रंग का कूड़ा कर दिया
6سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنسَىٰ
हम तुम्हें (ऐसा) पढ़ा देंगे कि कभी भूलो ही नहीं
अल-आलाकुरान सूची
19आयत
मक्कीRevelation
4आयत

अनुवाद — अल-आला 4

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Tuesday, August 18, 2026

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