अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- बिल-मिर्साद (بِالْمِرْصَادِ): अर्थात निगरानी में है, देख-भाल कर रहा है, किसी की भी गतिविधि से बेखबर नहीं है।
तफ़सीर:
ऐ नबी! तुम्हारा रब हर पल, हर लम्हा अपने बंदों की निगरानी में है। वह देखता और सुनता है, उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है—ना छोटी, ना बड़ी। वह उन लोगों की राह देख रहा है जो उसकी नाफ़रमानी करते हैं, जो ज़मीन में फ़साद फैलाते हैं, जो कमज़ोरों पर ज़ुल्म करते हैं और अपनी सरकशी में हद से गुज़र जाते हैं। वह उन्हें ढील देता है, मोहलत देता है, लेकिन जब पकड़ता है, तो ऐसी पकड़ पकड़ता है जो बेहद सख्त और दर्दनाक होती है—एक ऐसे ज़बरदस्त और क़ादिर हाकिम की पकड़ जो किसी को भी बच निकलने का मौक़ा नहीं देता।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला का इंसाफ़ बिल्कुल सटीक है। वह हर अच्छे काम को देखता है और हर बुरे काम को भी। जो नेकी करेगा, उसे जन्नत का इनाम मिलेगा, और जो बुराई करेगा, उसे जहन्नुम की सज़ा का सामना करना पड़ेगा। यह कोई आम निगरानी नहीं, बल्कि पूरे इंसाफ़ के साथ कर्मों का हिसाब लेने की तैयारी है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि हम अकेले हैं या हमारे काम छिपे हैं। अल्लाह हर वक़्त हमें देख रहा है। यह हमारे लिए एक चेतावनी भी है और एक खुशखबरी भी—चेतावनी इसलिए कि हम गुनाहों से बचें, और खुशखबरी इसलिए कि हमें यकीन हो कि ज़ालिम चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, अल्लाह की पकड़ से बच नहीं सकता। और जो मज़लूम हैं, उनके लिए यह तसल्ली है कि उनका रब उनके हाल पर नज़र रखे हुए है और इंसाफ़ का वादा करता है।
तो ऐ बंदे! अपने रब के सामने अपने आप को हाज़िर समझ, अपने अमल को सुधार, और याद रख—तू चाहे जहाँ भी हो, तेरा रब तेरे साथ है, तेरी हर हरकत पर निगाह रखता है। यही वह हक़ीक़त है जो इंसान को सीधी राह पर चलाती है और उसे अल्लाह की रहमत का हक़दार बनाती है।
📜 आयत 12-16 — अल-फज्र
अनुवाद — अल-फज्र 14
सूरा अल-फज्र आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक तुम्हारा परवरदिगार ताक में हैसूरा आयत 14/30 — अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फज्र सुनें, अल-फज्र अनुवाद, अल-फज्र mp3, अल-फज्र pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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