Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَاتَّبِعْ: तुम अनुसरण करो और उस पर अमल करो।
- مَا يُوحَىٰ إِلَيْكَ: जो कुछ तुम्हारी ओर वह्य (प्रकाशना) की जाती है।
- وَاصْبِرْ: धैर्य रखो और सहनशीलता अपनाओ।
- حَتَّىٰ يَحْكُمَ اللَّهُ: जब तक अल्लाह अपना फैसला न कर दे।
- خَيْرُ الْحَاكِمِينَ: सबसे उत्तम फैसला करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे नबी! तुम उस वह्य (प्रकाशना) का पूर्ण रूप से अनुसरण करो जो तुम्हारे रब की ओर से तुम्हारे पास भेजी जा रही है, और उस पर अमल करते रहो। साथ ही, धैर्य और सब्र को अपनाओ—अल्लाह की आज्ञाओं का पालन करने में, उसकी मनाही से बचने में, और उन लोगों की ओर से होने वाले कष्टों को सहने में जो तुम्हारे विरोध में हैं और तुम्हारे संदेश को झुठला रहे हैं। यह सब्र तब तक जारी रखो जब तक अल्लाह अपना फैसला न कर ले—चाहे वह फैसला दुनिया में तुम्हारी मदद और विजय के रूप में हो, या काफिरों के लिए आख़िरत की यातना के रूप में, या जिहाद के आदेश के रूप में। अल्लाह ही सबसे उत्तम फैसला करने वाला है, क्योंकि उसका फैसला पूर्ण न्याय पर आधारित होता है—उसमें किसी प्रकार का कोई अन्याय या पक्षपात नहीं होता। वह हर मामले में सच्चाई और न्याय के साथ फैसला करता है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- वह्य का अनुसरण ही सफलता की कुंजी है — जब इंसान अल्लाह की भेजी हुई शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाता है, तो वह सीधे रास्ते पर चलता है और उसका दिल सुकून पाता है।
- सब्र (धैर्य) एक महान गुण है — मुसीबतों और कष्टों के समय धैर्य रखना ईमान की निशानी है। अल्लाह उन्हीं को सफलता देता है जो सब्र करते हैं।
- अल्लाह का फैसला सबसे उत्तम होता है — जब हम अपने मामलों को अल्लाह पर छोड़ देते हैं और उसके फैसले पर संतुष्ट रहते हैं, तो हमें मानसिक शांति मिलती है, क्योंकि अल्लाह हर हाल में हमारे लिए भलाई ही चाहता है।
- नबी की ज़िंदगी हमारे लिए नमूना है — यह आयत हमें सिखाती है कि जिस तरह नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कष्टों के बावजूद धैर्य और दृढ़ता से अपना काम जारी रखा, उसी तरह हमें भी अपने जीवन में सच्चाई पर डटे रहना चाहिए।
- न्याय का महत्व — अल्लाह सबसे उत्तम न्याय करने वाला है, इसलिए हमें भी अपने जीवन में न्याय को अपनाना चाहिए और किसी के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए।
📜 आयत 107-109 — सूरा यूनुस
अनुवाद — यूनुस 109
सूरा यूनुस आयत 109 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम्हारे पास जो 'वही' भेजी जाती है…सूरा आयत 109/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 107–109. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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