Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
يا जेल के दोनों साथियों! तुम दोनों के सपनों की ताबीर यह है कि तुममें से एक (जो शराब निचोड़ता देखा गया था) जेल से निकलेगा और अपने मालिक (बादशाह) को शराब पिलाएगा। दूसरा (जो सिर पर रोटियाँ लिए हुए था) सूली पर चढ़ाया जाएगा और पक्षी उसके सिर से कौरें उठाएँगे। यह वह फ़ैसला है जो पहले ही लिखा जा चुका है, और जिसके बारे में तुम दोनों ने मुझसे पूछा था — वह अब पूरा होकर रहेगा।
शब्दों के अर्थ:
- साहिबे सिज्न: जेल के साथी या हमक़ैदी।
- रब्बेहु: उसका स्वामी, यहाँ अर्थ है बादशाह।
- फ़युस्लब: उसे सूली पर चढ़ाया जाएगा, यानी मारकर लटकाया जाएगा।
- तस्तफ़तियान: तुम दोनों फ़तवा (ताबीर) माँग रहे हो।
विस्तृत तफ़सीर:
हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने जेल के दोनों साथियों के सपनों की ताबीर बयान करते हुए फ़रमाया कि तुममें से एक — जिसने सपने में देखा था कि वह अंगूर निचोड़ रहा है — वह जेल से रिहा होकर बादशाह का शराब पिलाने वाला (साक़ी) बनेगा। दूसरा — जिसने सपने में सिर पर रोटियाँ उठाई थीं और पक्षी उन्हें खा रहे थे — वह सूली पर चढ़ाया जाएगा, और उसके सिर से पक्षी खाएँगे। यह ताबीर सुनकर दोनों ने कहा कि हमने तो सिर्फ़ खेल-खेल में सपने देखे थे, कोई सच्चा सपना नहीं था। इस पर हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने फ़रमाया: "जिस अम्र (मामले) के बारे में तुम पूछ रहे हो, वह फ़ैसला हो चुका है और अब इसे टाला नहीं जा सकता।" यानी चाहे तुम सपने को मज़ाक़ समझो या सच, यह ताबीर अटल है और जो कुछ मैंने कहा है वह ज़रूर वाक़े होगा।
फ़ायदे और सबक़:
- सपनों की ताबीर का इल्म: यह आयत साबित करती है कि अल्लाह अपने नबियों को ग़ैब की ख़बरें और सपनों की सही ताबीर का इल्म देता है। यह नबुव्वत की निशानी है और अल्लाह के इल्म की असीमता को दर्शाती है।
- सब्र और भरोसे का इनाम: हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने जेल में रहते हुए भी लोगों की मदद की और उनके सपनों की ताबीर बताई। यह हमें सिखाता है कि मुसीबत में भी दूसरों के काम आना चाहिए और अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए।
- अल्लाह का फ़ैसला अटल होता है: जब अल्लाह किसी मामले का फ़ैसला कर देता है, तो उसे कोई टाल नहीं सकता। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह के फ़ैसलों पर राज़ी रहे और उसकी रज़ा पर भरोसा करे।
- सच्चाई और स्पष्टता: हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने बिना किसी लाग-लपेट के सच्चाई बयान की, भले ही वह कड़वी हो। यह हमें सिखाता है कि सच बोलना चाहिए, चाहे उसमें कितनी ही तल्ख़ी क्यों न हो।
- दुनिया की बेहक़ीक़त: यह आयत दिखाती है कि दुनिया की चीज़ें (जैसे शराब पिलाना या सूली पर चढ़ना) कितनी बेहक़ीक़त हैं। असल कामयाबी अल्लाह की रज़ा और आख़िरत की कामयाबी है।
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को हर हालत में हिमायत देता है और उनके ज़रिए लोगों को हिदायत देता है। हमें भी चाहिए कि हर मुसीबत में अल्लाह पर भरोसा रखें और उसके दीन की ख़िदमत करते रहें।
📜 आयत 39-43 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 41
सूरा यूसुफ आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ मेरे क़ैद ख़ाने के दोनो रफीक़ो (अच्छा अब ताबीर…सूरा आयत 41/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


