Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَفْقِدُ: हम खो रहे हैं / हमें गुम मिली है।
- صُوَاعَ الْمَلِكِ: बादशाह का वह प्याला या पैमाना जिससे वह नापता था (अनाज नापने का बर्तन)।
- حِمْلُ بَعِيرٍ: एक ऊँट का बोझ (अनाज की मात्रा)।
- زَعِيمٌ: ज़मानतदार, ज़िम्मेदार, कफ़ील (गारंटर)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने अपने भाइयों के सामान में अपना वह प्याला छुपवा दिया जिससे बादशाह अनाज नापता था, तो उनके सामान की तलाशी से पहले एक मुनादी (ढिंढोरची) ने पुकारा और उसके साथ मौजूद लोगों ने भी कहा: "हमें बादशाह का वह पैमाना (प्याला) गुम मिल गया है, जिससे वह नापता है।" फिर उन्होंने ऐलान किया कि जो भी उसे लाकर देगा, उसे इनाम में एक ऊँट के बोझ के बराबर अनाज दिया जाएगा। मुनादी ने ख़ुद कहा: "मैं इस इनाम का ज़मानतदार हूँ, मैं इसे पूरा करने का ज़िम्मेदार हूँ।" यह सब कुछ यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) की योजना के अनुसार किया गया ताकि उनके भाई उस प्याले की तलाश में रुकें और उनका सामान खुलवाने पर मजबूर हों, जिससे उनका छोटा भाई बिन्यामीन उनके पास रुक सके।
फ़ायदे (सबक):
- हिकमत और तदबीर: इस आयत से पता चलता है कि किसी अच्छे मक़सद के लिए हिकमत भरी तदबीर अपनाना जायज़ है। यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने अपने भाई को रोकने के लिए यह रणनीति इस्तेमाल की, जो अल्लाह की इजाज़त से थी।
- वादे की पूर्ति और ज़िम्मेदारी: जब कोई इनाम का वादा करे या किसी चीज़ की ज़मानत ले, तो उसे पूरा करना चाहिए। मुनादी ने ख़ुद को ज़मानतदार बताया, यह अमानतदारी की तालीम देता है।
- इनाम की तरग़ीब: इस्लाम में नेक कामों पर इनाम और जज़ा की तरग़ीब दी गई है। यहाँ भी खोई हुई चीज़ लाने वाले के लिए इनाम मुक़र्रर किया गया, जो लोगों को भलाई पर उभारता है।
- सच्चाई और ईमानदारी: यह घटना हमें सिखाती है कि चाहे कितनी भी मुश्किल हालात हों, अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने अल्लाह की मदद से इस योजना को अंजाम दिया, और यह दिखाता है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है।
- बुराई से बचाव: यह क़िस्सा यह भी सिखाता है कि इंसान को हर हाल में सच्चाई और नेकी पर क़ायम रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह का दीन हमेशा बुलंद रहता है और वह अपने नेक बंदों को कामयाबी देता है।
📜 आयत 70-74 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 72
सूरा यूसुफ आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन लोगों ने जवाब दिया कि हमें बादशाह का प्याला…सूरा आयत 72/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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