अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَثَلُ – उदाहरण, दृष्टांत
- رَمَادٍ – राख
- اشْتَدَّتْ – तेज़ हुई, प्रबल हुई
- عَاصِفٍ – तूफ़ानी, बहुत तेज़ हवा वाला
- لَا يَقْدِرُونَ – वे सामर्थ्य नहीं रखते
- الضَّلَالُ الْبَعِيدُ – परम पथभ्रष्टता, सत्य से बहुत दूर की गुमराही
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों के कर्मों की मिसाल बयान कर रहा है जिन्होंने अपने रब को नकारा और उसकी वहादत (एकता) को नहीं माना। उनके अच्छे कर्म—जैसे दान, सदक़ा, रिश्तेदारों से अच्छा व्यवहार, कमज़ोरों की मदद, और दूसरे नेक काम—जो उन्होंने दुनिया में किए, उनकी हक़ीक़त ऐसी है जैसे राख जिस पर तूफ़ानी दिन में तेज़ हवा चली हो। जिस तरह वह तेज़ हवा राख को उड़ा ले जाती है और उसका कोई निशान नहीं छोड़ती, उसी तरह कुफ़्र की वजह से उनके ये कर्म बेकार हो जाते हैं और उनका कोई फल उन्हें नहीं मिलता।
क़यामत के दिन वे अपने किए हुए कर्मों से कोई फ़ायदा नहीं उठा सकेंगे, क्योंकि उन्होंने अपने कर्मों में अल्लाह के साथ दूसरों को शरीक किया था और ईमान की बुनियाद पर उन्हें नहीं बनाया था। जिस तरह राख को हवा उड़ा देती है और वह किसी काम नहीं आती, उसी तरह उनके कर्म भी उनके किसी काम नहीं आएँगे। यही सबसे बड़ी गुमराही है—सच्चे रास्ते से इतनी दूर की गुमराही कि उसका कोई अंत नहीं और न ही उससे निकलने की कोई उम्मीद है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई सिखाती है—कर्मों की क़बूलियत का दारोमदार ईमान पर है। जिस तरह एक पेड़ की जड़ें मज़बूत हों तो वह फल देता है, लेकिन अगर जड़ें ही न हों तो पेड़ कैसे खड़ा रह सकता है? ईमान ही वह जड़ है जो हमारे अच्छे कर्मों को अल्लाह के यहाँ क़बूल कराती है। इसलिए हमें चाहिए कि अपने ईमान को मज़बूत करें, अपने अमल को ख़ालिस अल्लाह के लिए बनाएँ, और किसी भी तरह के शिर्क से बचें। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है—उसने हमें दुनिया में यह मौक़ा दिया है कि हम अपने कर्मों को ईमान के साथ जोड़कर उन्हें ऐसा बना लें जो क़यामत के दिन हमारे काम आएँ। यही सच्ची कामयाबी है, और यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की तरफ ले जाता है।
📜 आयत 16-20 — इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 18
सूरा इब्राहीम आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग अपने परवरदिगार से काफिर हो बैठे हैं उनकी…सूरा आयत 18/52 — इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: इब्राहीम सुनें, इब्राहीम अनुवाद, इब्राहीम mp3, इब्राहीम pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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