Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَتَجَرَّعُهُ: इसे घूंट-घूंट करके पीने की कोशिश करना, कठिनाई से निगलना।
- يُسِيغُهُ: इसे आराम से हलक से उतारना, पचाना।
- مِن كُلِّ مَكَانٍ: हर तरफ से, हर दिशा से।
- عَذَابٌ غَلِيظٌ: सख्त और भारी अज़ाब, जो और भी ज़बरदस्त होगा।
तफसीर:
यह आयत उन अभिमानी और सत्य से मुँह मोड़ने वालों के भयानक अंजाम का वर्णन कर रही है, जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को ठुकराया और अपनी सरकशी में जीते रहे। उनके लिए जहन्नम में एक ऐसा पेय होगा जो खून, पीप और बहुत ही गंदे पदार्थों से मिलकर बना होगा। वे इसे पीने की कोशिश करेंगे, लेकिन इसकी अत्यधिक गर्मी, कड़वाहट और बदबू की वजह से वे इसे निगल नहीं पाएँगे। बार-बार वे इसे पीने की ज़िद करेंगे, लेकिन हर बार यह उनके गले में अटक जाएगा और वे तड़पते रहेंगे।
इसके अलावा, मौत के अज़ाब के ऐसे निशान हर तरफ से उन्हें घेर लेंगे कि लगेगा जैसे मौत हर दिशा से आ रही है। हर अंग, हर रग, हर हिस्सा उन्हें इस कदर तकलीफ़ देगा कि वे मौत की आरज़ू करेंगे, लेकिन अल्लाह की मर्ज़ी से वे मरेंगे नहीं। वे जीवित रहेंगे ताकि इससे भी सख्त अज़ाब का सामना करें। और इस सबके बाद भी उनके सामने एक और भारी अज़ाब है — जहन्नम में हमेशा रहना, जो कभी खत्म नहीं होगा।
यह दृश्य हमें सोचने पर मजबूर करता है कि अगर हम आज अल्लाह की राह पर चलें, उसकी नेमतों के शुक्रगुज़ार बनें और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत पर अमल करें, तो हम इस भयानक अज़ाब से बच सकते हैं। अल्लाह ने हमें दुनिया में भेजा है ताकि हम उसे पहचानें, उसकी इबादत करें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक गुज़ारें। यह आयत हमें आगाह करती है कि आज का हर लम्हा हमारे लिए एक नेमत है — हम तौबा करें, अपने गुनाहों से बाज़ आएँ और अल्लाह की रहमत की तरफ दौड़ें। क्योंकि अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है, और वह उन लोगों से मुहब्बत करता है जो उसकी तरफ रुजू करते हैं।
📜 आयत 15-19 — सूरा इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 17
सूरा इब्राहीम आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ज़बरदस्ती) उसे घूँट घँट करके पीना पड़ेगा और उसे हलक़…सूरा आयत 17/52 — सूरा इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा इब्राहीम सुनें, सूरा इब्राहीम अनुवाद, सूरा इब्राहीम mp3, सूरा इब्राहीम pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा इब्राहीम
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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