Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُبَدَّلُ الْأَرْضُ غَيْرَ الْأَرْضِ: धरती को बदलकर दूसरी धरती बना दिया जाएगा।
- وَبَرَزُوا: वे (सारे लोग) निकल आएंगे / प्रकट हो जाएंगे।
- الْوَاحِدِ الْقَهَّارِ: अकेला (जिसका कोई साझी नहीं) और सब पर विजय पाने वाला।
तफ़सीर:
यह आयत उस भयानक दिन का वर्णन कर रही है जब अल्लाह अपने दुश्मनों से बदला लेगा। वह दिन ऐसा होगा जब यह धरती बदल दी जाएगी और उसकी जगह एक दूसरी धरती ला दी जाएगी जो बिल्कुल सफेद और शुद्ध होगी, जैसे चांदी। इसी तरह आसमान भी बदल दिए जाएंगे—उनका सूरज और चाँद समाप्त कर दिए जाएंगे, और वे पिघले हुए तेल या तांबे की तरह हो जाएंगे। फिर सभी लोग अपनी कब्रों से जीवित होकर निकलेंगे और अपने कर्मों के साथ अल्लाह के सामने खड़े होंगे। वह अल्लाह जो अकेला है, जिसका कोई साझी नहीं, और जो हर चीज़ पर पूर्ण विजय रखता है—कोई उसके सामने टिक नहीं सकता, न कोई उसके फैसले को टाल सकता है। वह सब पर ग़ालिब है और उस पर कोई ग़ालिब नहीं। उस दिन सारी मख़लूक़ात (सृष्टि) उसके सामने हाज़िर होगी और हर कोई अपने अच्छे या बुरे कर्मों का हिसाब देगा।
फ़ायदे:
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि यह दुनिया हमेशा नहीं रहेगी, बल्कि एक दिन पूरी कायनात बदल दी जाएगी। यह हमें याद दिलाती है कि हमारा असली घर आख़िरत है, इसलिए हमें इस दुनिया के अस्थायी सुखों में मग्न नहीं हो जाना चाहिए। यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और उसकी कुदरत का एहसास कराती है कि वह जब चाहे पूरी दुनिया को बदल सकता है। साथ ही, यह हमें उस दिन के लिए तैयारी करने की तरग़ीब देती है—नेक काम करने, अल्लाह की इबादत करने और उसके हुक्मों पर चलने की, ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम उस अज़ाब से बच जाएं जो काफ़िरों और गुनाहगारों के लिए तैयार है। यह आयत हमें अल्लाह के सामने पेश होने की हक़ीक़त पर ईमान लाने की ताक़त देती है और हमारे दिलों में उसकी महानता का डर और उसकी रहमत की उम्मीद पैदा करती है।
📜 आयत 46-50 — सूरा इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 48
सूरा इब्राहीम आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मगर कब) जिस दिन ये ज़मीन बदलकर दूसरी ज़मीन कर…सूरा आयत 48/52 — सूरा इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा इब्राहीम सुनें, सूरा इब्राहीम अनुवाद, सूरा इब्राहीम mp3, सूरा इब्राहीम pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा इब्राहीम
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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