Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُقَرَّنِينَ: एक-दूसरे के साथ जोड़ दिए गए, या हाथ-पैर गर्दन से बाँध दिए गए।
- الأَصْفَادِ: यह 'صَفَد' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है बेड़ियाँ, ज़ंजीरें और वे रस्सियाँ जिनसे कैदी को बाँधा जाता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उस दिन (क़ियामत के दिन) अपराधियों को देखेंगे कि वे ज़ंजीरों और बेड़ियों में जकड़े हुए होंगे। उनके हाथ और पैर उनकी गर्दनों के साथ जोड़ दिए जाएँगे, और उन्हें एक-दूसरे के साथ भी बाँध दिया जाएगा। यह उनकी सज़ा का एक हिस्सा होगा, जो उनके अत्याचार और कुकर्मों का नतीजा होगा। कुछ मुफ़स्सिरों ने कहा है कि उन्हें उनके साथियों (शैतानों) के साथ जोड़ दिया जाएगा, और कुछ ने कहा है कि उनके हाथ-पैर उनकी गर्दनों से बेड़ियों में जकड़ दिए जाएँगे। यह सब उनके अपमान और ज़िल्लत को बढ़ाने के लिए होगा, ताकि वे अपने किए की सज़ा का पूरा अनुभव करें।
यह दृश्य उस दिन होगा जब धरती और आसमान बदल दिए जाएँगे, और सभी लोग अपने-अपने कर्मों के अनुसार हाज़िर होंगे। अपराधी, जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के आदेशों की अवहेलना की और अपनी मनमानी की, वे इस दिन बेड़ियों में जकड़े हुए होंगे, और उनके चेहरे आग से ढके होंगे, उनके कपड़े क़तरान (एक ज्वलनशील पदार्थ) के होंगे।
फ़ायदे (सबक़):
- यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और जो लोग उसके हुक्मों की उल्लंघना करते हैं, वे क़ियामत के दिन बेहद ज़िल्लत और अपमान की स्थिति में होंगे।
- इससे हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और अल्लाह के दीन (इस्लाम) पर चलना चाहिए, ताकि उस दिन की सख्ती और रुसवाई से बच सकें।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि दुनिया की कामयाबी और ताक़त किसी काम की नहीं, अगर इंसान अल्लाह की नाफ़रमानी करता है, तो उसका अंजाम यही है कि उसे उस दिन बेड़ियों में जकड़ा जाएगा।
- इस आयत से हमें अल्लाह के रहम और इंसाफ़ का एहसास होता है कि उसने अपने बंदों को आगाह कर दिया है, ताकि वे इस हालत से बचें और अपनी ज़िंदगी को सुधार लें। यह अल्लाह की महान रहमत है कि उसने हमें क़ुरआन के ज़रिए आगाह किया है, ताकि हम उस दिन की सख्ती से बच सकें।
📜 आयत 47-51 — सूरा इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 49
सूरा इब्राहीम आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम उस दिन गुनेहगारों को देखोगे कि ज़ज़ीरों मे…सूरा आयत 49/52 — सूरा इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा इब्राहीम सुनें, सूरा इब्राहीम अनुवाद, सूरा इब्राहीम mp3, सूरा इब्राहीम pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा इब्राहीम
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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