अल-हिज्र · 87/99
अनुवाद उच्चारण — अल-हिज्र
وَلَقَدْ آتَيْنَاكَ سَبْعًا مِّنَ الْمَثَانِي وَالْقُرْآنَ الْعَظِيمَ ۝٨٧
Wa laqad aatainaaka sab`am mnal masaanee wal Qur-aanal `azeem
📖 हिंदी अर्थ
(बड़ा दाना व बीना है) और हमने तुमको सबए मसानी (सूरे हम्द) और क़ुरान अज़ीम अता किया है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سَبْعًا مِنَ الْمَثَانِي: "सात दोहराई जाने वाली आयतें" — अर्थात सूरह अल-फ़ातिहा, जो सात आयतों पर आधारित है और हर नमाज़ में दोहराई जाती है।
  • الْقُرْآنَ الْعَظِيم: "महान क़ुरआन" — अर्थात पूरा क़ुरआन जो अपनी महिमा, बुलंदी और अद्भुत प्रभाव में अद्वितीय है।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! हमने तुम्हें सात आयतें दीं जो बार-बार दोहराई जाती हैं — यह सूरह अल-फ़ातिहा है, जो हर नमाज़ में पढ़ी जाती है और जिसमें हमारी हम्द (प्रशंसा), इबादत, मदद की प्रार्थना और सीधे रास्ते की गुज़ारिश शामिल है। यह सात आयतें अपने आप में पूरी किताब का सार हैं। इसके साथ ही हमने तुम्हें महान क़ुरआन भी दिया है, जो पूरी दुनिया के लिए हिदायत, रहमत और नूर है। यह क़ुरआन अपनी शान, अपनी बुलंदी और अपने अद्भुत बयान में बेमिसाल है — यही वह किताब है जो सच्चाई और बातिल (झूठ) में फ़र्क़ करती है, और जो लोग इसे थाम लें वे कभी गुमराह नहीं हो सकते।

फ़ायदे (सबक):

  1. यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने अपने नबी को सबसे बड़ा इनाम दिया — क़ुरआन और सूरह अल-फ़ातिहा। यह हमारे लिए भी अल्लाह का अनमोल उपहार है, जिसे हम हर नमाज़ में पढ़ते हैं।
  2. सूरह अल-फ़ातिहा की अहमियत यह है कि यह हर नमाज़ में दोहराई जाती है, इसलिए हमें इसे समझकर पढ़ना चाहिए — इसमें हमारी ज़िंदगी की हर ज़रूरत का हल मौजूद है।
  3. क़ुरआन की महानता का एहसास हमें उसके पढ़ने, समझने और उस पर अमल करने की तरफ़ ले जाना चाहिए — यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है।
  4. यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है — उसने हमें ऐसी किताब दी जो हमें दुनिया और आख़िरत की भलाई का रास्ता दिखाती है। हमें इस नेमत का शुक्र अदा करना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए।


📜 आयत 85-89 — अल-हिज्र

85وَمَا خَلَقْنَا السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا إِلَّا بِالْحَقِّ ۗ وَإِنَّ السَّاعَةَ لَآتِيَةٌ ۖ فَاصْفَحِ الصَّفْحَ الْجَمِيلَ
और हमने आसमानों और ज़मीन को और जो कुछ उन दोनों के दरमियान में है हिकमत व मसलहत से पैदा किया है और क़यामत यक़ीनन ज़रुर आने वाली है तो तुम (ऐ रसूल) उन काफिरों से शाइस्ता उनवान (अच्छे बरताव) के साथ दर गुज़र करो
86إِنَّ رَبَّكَ هُوَ الْخَلَّاقُ الْعَلِيمُ
इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार बड़ा पैदा करने वाला है
87وَلَقَدْ آتَيْنَاكَ سَبْعًا مِّنَ الْمَثَانِي وَالْقُرْآنَ الْعَظِيمَ
(बड़ा दाना व बीना है) और हमने तुमको सबए मसानी (सूरे हम्द) और क़ुरान अज़ीम अता किया है
88لَا تَمُدَّنَّ عَيْنَيْكَ إِلَىٰ مَا مَتَّعْنَا بِهِ أَزْوَاجًا مِّنْهُمْ وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَاخْفِضْ جَنَاحَكَ لِلْمُؤْمِنِينَ
और हमने जो उन कुफ्फारों में से कुछ लोगों को (दुनिया की) माल व दौलत से निहाल कर दिया है तुम उसकी तरफ हरगिज़ नज़र भी न उठाना और न उनकी (बेदीनी) पर कुछ अफसोस करना और ईमानदारों से (अगरचे ग़रीब हो) झुककर मिला करो और कहा दो कि मै तो (अज़ाबे ख़ुदा से) सरीही तौर से डराने वाला हूँ
89وَقُلْ إِنِّي أَنَا النَّذِيرُ الْمُبِينُ
(ऐ रसूल) उन कुफ्फारों पर इस तरह अज़ाब नाज़िल करेगें जिस तरह हमने उन लोगों पर नाज़िल किया
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अनुवाद — अल-हिज्र 87

सूरा अल-हिज्र आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (बड़ा दाना व बीना है) और हमने तुमको सबए मसानी…

सूरा आयत 87/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 85–89. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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