अल-हिज्र · 86/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
إِنَّ رَبَّكَ هُوَ الْخَلَّاقُ الْعَلِيمُ ۝٨٦
Inna Rabbaka Huwal khallaaqul `aleem
📖 हिंदी अर्थ
इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार बड़ा पैदा करने वाला है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْخَلَّاقُ: अत्यंत रचनाकार, जो हर चीज़ को बनाने वाला है और अपनी सृष्टि में कोई कमी नहीं छोड़ता।
  • الْعَلِيمُ: सब कुछ जानने वाला, जिसके ज्ञान से कोई चीज़ छिपी नहीं है, न छोटी और न बड़ी।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आपका रब ही सच्चा और सर्वोच्च रचनाकार है। वह हर चीज़ को पैदा करने वाला है, चाहे वह आसमानों में हो या ज़मीन में, चाहे वह ज़ाहिर हो या छिपी। उसकी रचना में कोई कमी नहीं, और वह हर पल नई रचना करने पर क़ादिर है। साथ ही वह 'अलीम' है, यानी उसका ज्ञान हर चीज़ को घेरे हुए है। उसे अपनी मख़लूक़ात (सृष्टि) की कोई चीज़ ना तो मुश्किल लगती है और ना ही उससे कोई बात छिपी रहती है। वह जानता है कि क्या बनाया, कैसे बनाया, और क्यों बनाया। उसकी रचना और उसका ज्ञान दोनों ही कमाल (पूर्ण) हैं, और यही उसकी रुबूबियत (पालनहार होने) की दलील है।

फ़ायदे (सबक):

  1. इस आयत से हमें यक़ीन होता है कि अल्लाह की रचना में कोई कमी नहीं, और वह हर चीज़ को बेहतरीन अंदाज़ में बनाता है। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी के हर मामले में उस पर भरोसा रखना चाहिए।
  2. अल्लाह का ज्ञान हर चीज़ पर हावी है, इसलिए हमें अपने अंदर यह एहसास पैदा करना चाहिए कि हमारा रब हमारे हर अमल को देख रहा है और जान रहा है। यह हमें गुनाहों से बचाता है और नेक कामों की तरफ़ रग़बत देता है।
  3. जब हमें पता चले कि अल्लाह हर चीज़ का रचनाकार है, तो हमें किसी और से मदद माँगने की ज़रूरत नहीं, बल्कि सिर्फ़ उसी से दुआ करनी चाहिए, क्योंकि वही सब कुछ कर सकता है।
  4. यह आयत हमें तसल्ली देती है कि अल्लाह अपने बंदों की हर ज़रूरत को जानता है और उसे पूरा करने पर क़ादिर है, इसलिए हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए।


📜 आयत 84-88 — सूरा अल-हिज्र

84فَمَا أَغْنَىٰ عَنْهُم مَّا كَانُوا يَكْسِبُونَ
फिर जो कुछ वह अपनी हिफाज़त की तदबीर किया करते थे (अज़ाब ख़ुदा से बचाने में) कि कुछ भी काम न आयीं
85وَمَا خَلَقْنَا السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا إِلَّا بِالْحَقِّ ۗ وَإِنَّ السَّاعَةَ لَآتِيَةٌ ۖ فَاصْفَحِ الصَّفْحَ الْجَمِيلَ
और हमने आसमानों और ज़मीन को और जो कुछ उन दोनों के दरमियान में है हिकमत व मसलहत से पैदा किया है और क़यामत यक़ीनन ज़रुर आने वाली है तो तुम (ऐ रसूल) उन काफिरों से शाइस्ता उनवान (अच्छे बरताव) के साथ दर गुज़र करो
86إِنَّ رَبَّكَ هُوَ الْخَلَّاقُ الْعَلِيمُ
इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार बड़ा पैदा करने वाला है
87وَلَقَدْ آتَيْنَاكَ سَبْعًا مِّنَ الْمَثَانِي وَالْقُرْآنَ الْعَظِيمَ
(बड़ा दाना व बीना है) और हमने तुमको सबए मसानी (सूरे हम्द) और क़ुरान अज़ीम अता किया है
88لَا تَمُدَّنَّ عَيْنَيْكَ إِلَىٰ مَا مَتَّعْنَا بِهِ أَزْوَاجًا مِّنْهُمْ وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَاخْفِضْ جَنَاحَكَ لِلْمُؤْمِنِينَ
और हमने जो उन कुफ्फारों में से कुछ लोगों को (दुनिया की) माल व दौलत से निहाल कर दिया है तुम उसकी तरफ हरगिज़ नज़र भी न उठाना और न उनकी (बेदीनी) पर कुछ अफसोस करना और ईमानदारों से (अगरचे ग़रीब हो) झुककर मिला करो और कहा दो कि मै तो (अज़ाबे ख़ुदा से) सरीही तौर से डराने वाला हूँ
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
86आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 86

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Thursday, October 1, 2026

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