Summma inna Rabbaka lillazeena `amilus sooo`a bijahaalatin summa taaboo mim ba`di zaaalika wa aslahoo inna Rabbaka mim ba`dihaa la Ghafoorur Raheem
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
मगर वह लोग खुद अपने ऊपर सितम तोड़ रहे हैं फिर इसमे शक़ नहीं कि जो लोग नादानी से गुनाह कर बैठे उसके बाद सदक़ दिल से तौबा कर ली और अपने को दुरुस्त कर लिया तो (ऐ रसूल) इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार इसके बाद बख्शने वाला मेहरबान है
🌐 Additional reference in اردو
🌐 اردو
پھر جن لوگوں نے نادانی سے برا کام کیا۔ پھر اس کے بعد توبہ کی اور نیکوکار ہوگئے تو تمہارا پروردگار (ان کو) توبہ کرنے اور نیکوکار ہوجانے کے بعد بخشنے والا اور ان پر رحمت کرنے والا ہے
मगर वह लोग खुद अपने ऊपर सितम तोड़ रहे हैं फिर इसमे शक़ नहीं कि जो लोग नादानी से गुनाह कर बैठे उसके बाद सदक़ दिल से तौबा कर ली और अपने को दुरुस्त कर लिया तो (ऐ रसूल) इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार इसके बाद बख्शने वाला मेहरबान है
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
بِجَهَالَةٍ – अज्ञानता की हालत में, यानी अंजाम और अज़ाब से बेखबर होकर।
تَابُوا – तौबा की, गुनाहों से बाज़ आए और अल्लाह की ओर लौटे।
وَأَصْلَحُوا – अपने आपको और अपने आमाल को दुरुस्त किया, नेकी की राह अपनाई।
لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ – बड़ा क्षमा करने वाला, बड़ा रहम करने वाला।
तफ़सीर:
फिर ऐ रसूल! आपका रब उन लोगों के हाल में बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है, जिन्होंने बुराई और गुनाह किए — चाहे वह जानबूझकर किया हो या भूल से — लेकिन उन्होंने उस वक़्त उसके अंजाम और अल्लाह की नाराज़गी को नहीं समझा, यानी हर गुनाहगार इस लिहाज़ से जाहिल है, चाहे वह हराम होने का इल्म रखता हो। फिर उन्होंने उन गुनाहों के बाद तौबा की, अल्लाह की तरफ़ पलटे, और अपने आमाल को ठीक कर लिया — यानी तौबा पर क़ायम रहे और अपनी ज़िंदगी को सुधार लिया। तो आपका रब उनकी तौबा और इस्लाह के बाद उनके गुनाहों को माफ़ करने वाला और उन पर रहम करने वाला है। यह अल्लाह का बड़ा फज़ल है कि वह तौबा करने वालों को बख्श देता है और उनकी नेकियों को क़ुबूल करता है।
फ़ायदे:
अल्लाह की रहमत बहुत वसीअ है; वह गुनाहों के बाद तौबा करने वालों को माफ़ कर देता है, चाहे गुनाह कितने ही बड़े क्यों न हों।
इंसान को कभी अल्लाह की रहमत से मायूस नहीं होना चाहिए; जब तक साँस चल रही है, तौबा का दरवाज़ा खुला है।
असली काम सिर्फ़ तौबा करना नहीं, बल्कि अपने आमाल को सुधारना और नेकी पर जमे रहना है; यही कामयाबी की कुंजी है।
यह आयत गुनाहगारों के लिए बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह माफ़ करने वाला और रहम करने वाला है, बशर्ते वह सच्चे दिल से पलटे।
🎧 सुनें
📜 आयत 117-121 — अन-नहल
117مَتَاعٌ قَلِيلٌ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ
(दुनिया में) फायदा तो ज़रा सा है और (आख़िरत में) दर्दनाक अज़ाब है
मगर वह लोग खुद अपने ऊपर सितम तोड़ रहे हैं फिर इसमे शक़ नहीं कि जो लोग नादानी से गुनाह कर बैठे उसके बाद सदक़ दिल से तौबा कर ली और अपने को दुरुस्त कर लिया तो (ऐ रसूल) इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार इसके बाद बख्शने वाला मेहरबान है
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