अन-नहल · 119/128
अनुवाद उच्चारण — अन-नहल
ثُمَّ إِنَّ رَبَّكَ لِلَّذِينَ عَمِلُوا السُّوءَ بِجَهَالَةٍ ثُمَّ تَابُوا مِن بَعْدِ ذَٰلِكَ وَأَصْلَحُوا إِنَّ رَبَّكَ مِن بَعْدِهَا لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ ۝١١٩
Summma inna Rabbaka lillazeena `amilus sooo`a bijahaalatin summa taaboo mim ba`di zaaalika wa aslahoo inna Rabbaka mim ba`dihaa la Ghafoorur Raheem
📖 हिंदी अर्थ
मगर वह लोग खुद अपने ऊपर सितम तोड़ रहे हैं फिर इसमे शक़ नहीं कि जो लोग नादानी से गुनाह कर बैठे उसके बाद सदक़ दिल से तौबा कर ली और अपने को दुरुस्त कर लिया तो (ऐ रसूल) इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार इसके बाद बख्शने वाला मेहरबान है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بِجَهَالَةٍ – अज्ञानता की हालत में, यानी अंजाम और अज़ाब से बेखबर होकर।
  • تَابُوا – तौबा की, गुनाहों से बाज़ आए और अल्लाह की ओर लौटे।
  • وَأَصْلَحُوا – अपने आपको और अपने आमाल को दुरुस्त किया, नेकी की राह अपनाई।
  • لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ – बड़ा क्षमा करने वाला, बड़ा रहम करने वाला।

तफ़सीर:

फिर ऐ रसूल! आपका रब उन लोगों के हाल में बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है, जिन्होंने बुराई और गुनाह किए — चाहे वह जानबूझकर किया हो या भूल से — लेकिन उन्होंने उस वक़्त उसके अंजाम और अल्लाह की नाराज़गी को नहीं समझा, यानी हर गुनाहगार इस लिहाज़ से जाहिल है, चाहे वह हराम होने का इल्म रखता हो। फिर उन्होंने उन गुनाहों के बाद तौबा की, अल्लाह की तरफ़ पलटे, और अपने आमाल को ठीक कर लिया — यानी तौबा पर क़ायम रहे और अपनी ज़िंदगी को सुधार लिया। तो आपका रब उनकी तौबा और इस्लाह के बाद उनके गुनाहों को माफ़ करने वाला और उन पर रहम करने वाला है। यह अल्लाह का बड़ा फज़ल है कि वह तौबा करने वालों को बख्श देता है और उनकी नेकियों को क़ुबूल करता है।

फ़ायदे:

  • अल्लाह की रहमत बहुत वसीअ है; वह गुनाहों के बाद तौबा करने वालों को माफ़ कर देता है, चाहे गुनाह कितने ही बड़े क्यों न हों।
  • इंसान को कभी अल्लाह की रहमत से मायूस नहीं होना चाहिए; जब तक साँस चल रही है, तौबा का दरवाज़ा खुला है।
  • असली काम सिर्फ़ तौबा करना नहीं, बल्कि अपने आमाल को सुधारना और नेकी पर जमे रहना है; यही कामयाबी की कुंजी है।
  • यह आयत गुनाहगारों के लिए बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह माफ़ करने वाला और रहम करने वाला है, बशर्ते वह सच्चे दिल से पलटे।
🎧 सुनें

📜 आयत 117-121 — अन-नहल

117مَتَاعٌ قَلِيلٌ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ
(दुनिया में) फायदा तो ज़रा सा है और (आख़िरत में) दर्दनाक अज़ाब है
118وَعَلَى الَّذِينَ هَادُوا حَرَّمْنَا مَا قَصَصْنَا عَلَيْكَ مِن قَبْلُ ۖ وَمَا ظَلَمْنَاهُمْ وَلَٰكِن كَانُوا أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ
और यहूदियों पर हमने वह चीज़े हराम कर दीं थी जो तुमसे पहले बयान कर चुके हैं और हमने तो (इस की वजह से) उन पर कुछ ज़ुल्म नहीं किया
119ثُمَّ إِنَّ رَبَّكَ لِلَّذِينَ عَمِلُوا السُّوءَ بِجَهَالَةٍ ثُمَّ تَابُوا مِن بَعْدِ ذَٰلِكَ وَأَصْلَحُوا إِنَّ رَبَّكَ مِن بَعْدِهَا لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ
मगर वह लोग खुद अपने ऊपर सितम तोड़ रहे हैं फिर इसमे शक़ नहीं कि जो लोग नादानी से गुनाह कर बैठे उसके बाद सदक़ दिल से तौबा कर ली और अपने को दुरुस्त कर लिया तो (ऐ रसूल) इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार इसके बाद बख्शने वाला मेहरबान है
120إِنَّ إِبْرَاهِيمَ كَانَ أُمَّةً قَانِتًا لِّلَّهِ حَنِيفًا وَلَمْ يَكُ مِنَ الْمُشْرِكِينَ
इसमें शक़ नहीं कि इबराहीम (लोगों के) पेशवा ख़ुदा के फरमाबरदार बन्दे और बातिल से कतरा कर चलने वाले थे और मुशरेकीन से हरगिज़ न थे
121شَاكِرًا لِّأَنْعُمِهِ ۚ اجْتَبَاهُ وَهَدَاهُ إِلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ
उसकी नेअमतों के शुक्र गुज़ार उनको ख़ुदा ने मुनतख़िब कर लिया है और (अपनी) सीधी राह की उन्हें हिदायत की थी
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अनुवाद — अन-नहल 119

सूरा अन-नहल आयत 119 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर वह लोग खुद अपने ऊपर सितम तोड़ रहे हैं…

सूरा आयत 119/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 117–121. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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