Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- हादू (هَادُوا): यहूदी बने, यहूदी धर्म अपनाया।
- क़सस्ना (قَصَصْنَا): हमने बयान किया, सुनाया।
- ज़ुल्म (ظُلْم): अत्याचार करना, किसी का हक़ मारना।
तफ़सीर (व्याख्या):
और यहूदियों पर हमने वह चीज़ें हराम (अवैध) कीं जिनका विवरण हमने आपसे पहले (सूरह अल-अनआम में) किया था—यानी हर नाख़ून वाला जानवर (जैसे ऊँट, शुतुरमुर्ग आदि), और गाय-बकरी की चर्बी, सिवाय उसके जो उनकी पीठ पर लगी हो या आंतों में हो या हड्डी से मिली हुई हो। यह पाबंदी उनके अत्याचार और सीमा उल्लंघन की सज़ा के रूप में लगाई गई थी। हमने उन पर कोई ज़ुल्म नहीं किया—न हमने उन्हें सज़ा दी बिना किसी कारण के, और न ही हमने उन पर वह चीज़ हराम की जो उनके लिए पाक और हलाल थी। बल्कि वे स्वयं अपनी जानों पर ज़ुल्म करते थे, क्योंकि उन्होंने कुफ़्र, सरकशी और नबियों की नाफ़रमानी के ज़रिए उन कारणों को अख्तियार किया जिनकी वजह से यह सज़ा उन पर लागू हुई। इसलिए यह सज़ा उनके अपने कर्मों का नतीजा थी, न कि हमारी तरफ़ से ज़ुल्म।
फ़ायदे (लाभ):
- अल्लाह तआला बिल्कुल न्यायपूर्ण है; वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता। जो सज़ा या पाबंदी भी आती है, वह बंदे के अपने कर्मों का परिणाम होती है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम पर कोई मुसीबत या पाबंदी आए, तो पहले अपने आचरण और कर्मों की जाँच करें, क्योंकि असली कारण हमारे अपने किए हुए काम होते हैं।
- अल्लाह की रहमत और आसानी की तारीफ़ करनी चाहिए कि उसने हमारे (मुस्लिम उम्मत) पर वे सख्त पाबंदियाँ नहीं लगाईं जो पहले की उम्मतों पर उनकी सरकशी की वजह से लगाई गई थीं। यह हमारे लिए अल्लाह का एहसान है।
- इस्लाम दीन-ए-फ़ितरत (प्राकृतिक धर्म) है, जो लोगों पर बोझ नहीं डालता, बल्कि उनकी भलाई और आसानी चाहता है। जबकि पिछली उम्मतों पर उनके अपने कुकर्मों की वजह से सख्तियाँ लगाई गईं।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह के फ़ैसलों पर संतुष्ट रहना चाहिए और उसकी हर बात में हिकमत (बुद्धिमत्ता) होती है, भले ही हमें वह हिकमत समझ में न आए।
📜 आयत 116-120 — सूरा अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 118
सूरा अन-नहल आयत 118 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और यहूदियों पर हमने वह चीज़े हराम कर दीं थी…सूरा आयत 118/128 — सूरा अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नहल सुनें, सूरा अन-नहल अनुवाद, सूरा अन-नहल mp3, सूरा अन-नहल pdf. आयत 116–120. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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