Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُنكِرَةٌ: इनकार करने वाली, जानने के बावजूद न मानने वाली।
- مُسْتَكْبِرُونَ: अभिमानी, घमंडी, जो सत्य के आगे झुकने से इनकार करें।
तफसीर (व्याख्या):
तुम्हारा सच्चा पूज्य केवल एक ही है—अल्लाह। वह अकेला है, उसका कोई साझीदार नहीं। वही सृष्टि का रचयिता, पालनहार और पूजा का एकमात्र अधिकारी है। जो लोग आख़िरत (परलोक) पर ईमान नहीं रखते, उनके दिल अल्लाह की एकता को जानते हुए भी उसे जानबूझकर झुठलाते हैं, क्योंकि उन्हें न तो किसी हिसाब का डर है और न ही किसी सज़ा का ख़ौफ़। वे सोचते हैं कि मरने के बाद कोई जीवन नहीं, इसलिए वे अपनी मनमानी करते हैं। साथ ही, वे अभिमान और घमंड के कारण सत्य को स्वीकार करने से इनकार करते हैं। वे अपने आपको बड़ा समझते हैं और अल्लाह की इबादत और उसके आगे झुकने को अपनी शान के खिलाफ़ समझते हैं। यही अभिमान उन्हें ईमान और सच्चाई से दूर रखता है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह की एकता (तौहीद) इस्लाम की सबसे बुनियादी शिक्षा है। यही वह सच्चाई है जो इंसान को सभी झूठे देवताओं और झूठी शक्तियों की गुलामी से आज़ाद करती है।
- आख़िरत पर ईमान इंसान को ज़िम्मेदार बनाता है। जब इंसान यक़ीन करता है कि उसके हर अच्छे और बुरे काम का हिसाब होगा, तो वह बुराई से बचता है और अच्छाई की ओर बढ़ता है।
- अभिमान (घमंड) इंसान को सत्य स्वीकार करने से रोकता है। यह वह बीमारी है जो इंसान को अल्लाह से दूर करती है और उसे जहन्नम की ओर ले जाती है। इसलिए इंसान को हमेशा नम्रता और विनम्रता अपनानी चाहिए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ईमान वही है जो दिल से हो, न कि सिर्फ़ ज़ुबान से। दिल का इनकार और अभिमान इंसान को अल्लाह की रहमत से महरूम कर देता है।
- अल्लाह की एकता और आख़िरत पर ईमान ही वे दो स्तंभ हैं जो इंसान को सही रास्ते पर चलाते हैं और उसे सुकून, शांति और सफलता की ओर ले जाते हैं।
📜 आयत 20-24 — सूरा अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 22
सूरा अन-नहल आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (फिर क्या काम आएंगीं)तुम्हारा परवरदिगार यकता खुदा है तो जो…सूरा आयत 22/128 — सूरा अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नहल सुनें, सूरा अन-नहल अनुवाद, सूरा अन-नहल mp3, सूरा अन-नहल pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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