अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَمْوَاتٌ: मुर्दा, बेजान।
- غَيْرُ أَحْيَاءٍ: जिनमें कोई जीवन नहीं, न कभी जीवित होंगे।
- يَشْعُرُونَ: जानते हैं, महसूस करते हैं।
- أَيَّانَ يُبْعَثُونَ: कब उठाए जाएंगे (क़ियामत के दिन)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये मूर्तियाँ और देवता जिन्हें लोग पूजते हैं, वे सब मुर्दा हैं—बेजान हैं। उनमें कोई जान नहीं, न ही उनमें कभी जीवन आएगा। वे न तो सुन सकती हैं, न देख सकती हैं, न किसी की मदद कर सकती हैं। वे तो बस पत्थर और लकड़ी के टुकड़े हैं जिन्हें इंसानों ने खुद बनाया है। इनमें कोई चेतना नहीं है कि वे यह जान सकें कि उन्हें क़ियामत के दिन कब उठाया जाएगा। हालाँकि, क़ियामत के दिन उन्हें भी उनके पूजने वालों के साथ उठाया जाएगा, और सबको जहन्नुम की आग में डाल दिया जाएगा। वे उस वक़्त का एहसास भी नहीं कर सकते कि वह कब आएगा, क्योंकि उनमें कोई ज्ञान या समझ ही नहीं है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि केवल अल्लाह ही सच्चा और जीवित माबूद है, जो सुनता है, देखता है और हर चीज़ पर क़ादिर है। उसके अलावा कोई भी पूजा के लायक़ नहीं।
- बेजान चीज़ों से उम्मीदें बाँधना और उनसे मदद माँगना पूरी तरह बेकार है, क्योंकि वे न तो सुन सकती हैं और न ही कोई फ़ायदा पहुँचा सकती हैं।
- क़ियामत का दिन सच है और हर चीज़ को उठाया जाएगा—चाहे वह जीवित हो या निर्जीव। इसलिए हमें अपने आचरण को सही करना चाहिए और अल्लाह की इबादत में लगे रहना चाहिए।
- यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की याद दिलाती है कि उसने हमें ज़िंदगी, समझ और चेतना दी है, ताकि हम उसे पहचानें और उसकी इबादत करें। यह हमारे लिए बड़ी नेमत है।
📜 आयत 19-23 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 21
सूरा अन-नहल आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (बल्कि) वह ख़ुद दूसरों के बनाए हुए मुर्दे बेजान हैं…सूरा आयत 21/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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