Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاسْلُكِي: रास्ता अपनाओ, चलो।
- سُبُلَ: रास्ते, मार्ग (बहुवचन)।
- ذُلُلًا: विनम्र, आज्ञाकारी, आसान बनाए गए रास्ते।
- شَرَابٌ: पेय, यहाँ अर्थ है शहद।
- مُخْتَلِفٌ أَلْوَانُهُ: जिसके रंग अलग-अलग हों (सफेद, पीला, लाल, काला आदि)।
- شِفَاءٌ: रोगों से उपचार, आरोग्य।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने शहद की मक्खी को विशेष प्रेरणा दी कि वह हर प्रकार के फलों से खाए—मीठे, खट्टे, कड़वे—और फिर अपने रब के बताए हुए रास्तों पर चले, जो उसके लिए आसान और विनम्र बना दिए गए हैं। वह पहाड़ों, पेड़ों और ऊँची जगहों पर अपने छत्ते बनाती है, और इन्हीं रास्तों से वह दूर-दूर तक जाकर भोजन इकट्ठा करती है, फिर भी रास्ता नहीं भूलती। यह सब अल्लाह की ओर से उसे सिखाया हुआ है।
फिर अल्लाह ने बताया कि इन मक्खियों के पेट से एक ऐसा पेय (शहद) निकलता है जिसके रंग अलग-अलग होते हैं—सफेद, पीला, लाल, काला आदि। यह शहद लोगों के लिए शिफा (उपचार) है। यानी इसमें कई बीमारियों से ठीक होने की ताकत रखी गई है। यह ज़रूरी नहीं कि यह हर बीमारी और हर इंसान के लिए एक जैसा फायदेमंद हो, बल्कि यह एक ऐसी दवा है जो कई रोगों में, कई लोगों के लिए, अल्लाह की इच्छा से लाभदायक साबित होती है, जैसे अन्य दवाएँ होती हैं।
इस पूरे इंतज़ाम में—मक्खी का भोजन करना, उसका रास्ते ढूँढना, उसके पेट से अलग-अलग रंगों का शहद निकलना, और उसमें शिफा रखना—उन लोगों के लिए बड़ी निशानी है जो गहराई से सोचते और विचार करते हैं। वे इससे अल्लाह की कुदरत, उसकी हिकमत और उसकी रहमत को समझते हैं।
फायदे (सबक):
- अल्लाह की कुदरत की निशानी: शहद की मक्खी जैसा छोटा जीव, इतनी बड़ी और बारीक व्यवस्था के साथ काम करता है—यह साबित करता है कि इस कायनात का निर्माता अत्यंत बुद्धिमान और शक्तिशाली है।
- इलाज और सुन्नत: शहद को कुरआन में शिफा बताया गया है, इसलिए इसे दवा के रूप में इस्तेमाल करना न केवल वैज्ञानिक रूप से लाभदायक है, बल्कि एक इबादत और नबी की सुन्नत का पालन भी है।
- प्रकृति में गहराई से सोचने की प्रेरणा: यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपने आस-पास की चीज़ों—पेड़-पौधों, जानवरों, कीड़ों—को आँखें बंद करके न देखें, बल्कि उनमें छिपी अल्लाह की निशानियों पर विचार करें। यही सोच इंसान को ईमान और यक़ीन की तरफ ले जाती है।
- हर चीज़ में भलाई: अल्लाह ने छोटी से छोटी मखलूक में भी इंसानों के लिए फायदा रखा है। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह की बनाई हर चीज़ में कुछ न कुछ भलाई है, और हमें उसकी नेमतों का शुक्र अदा करना चाहिए।
- तफक्कुर (चिंतन) की अहमियत: आयत के अंत में "जो सोचते हैं" के लिए खास ज़िक्र किया गया है। इससे पता चलता है कि अल्लाह उन लोगों को पसंद करता है जो उसकी आयतों पर गौर करते हैं और उनसे सबक लेते हैं।
📜 आयत 67-71 — सूरा अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 69
सूरा अन-नहल आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनमें अपने छत्ते बना फिर हर तरह के फलों (के…सूरा आयत 69/128 — सूरा अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नहल सुनें, सूरा अन-नहल अनुवाद, सूरा अन-नहल mp3, सूरा अन-नहल pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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