Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوَّابِينَ (अव्वाबीन): बार-बार अल्लाह की ओर लौटने वाले, तौबा करने वाले।
व्याख्या:
हे लोगो! तुम्हारा रब उस बात को भली-भाँति जानता है जो तुम्हारे दिलों में है—चाहे वह अच्छाई हो या बुराई। वह तुम्हारे माता-पिता के प्रति तुम्हारे दिल में छिपे प्रेम, आदर, नेकी या उनकी नाफ़रमानी के इरादे को भी खूब जानता है। यदि तुम्हारी नीयतें सच्ची हों, तुम्हारे दिल अल्लाह की रज़ा और उसकी आज्ञाकारिता की ओर झुके हों, और तुम अपने माता-पिता के साथ भलाई करने के इच्छुक हो, तो याद रखो कि अल्लाह उन लोगों को क्षमा करने वाला है जो अपनी गलतियों से तौबा करके उसकी ओर बार-बार लौटते हैं। यदि तुमसे पहले कोई कमी या भूल हुई हो—चाहे वह माता-पिता के हक़ में हो या अल्लाह के किसी आदेश के पालन में—तो जब तुम सच्चे दिल से अल्लाह की ओर पलटोगे और अपनी नीयत को सुधारोगे, तो वह तुम्हारे उन पिछले क़ुसूर (कमियों) को माफ़ कर देगा। अल्लाह उन लोगों के लिए बड़ा क्षमाशील है जो अपनी भूलों से सीखकर उसकी ओर रुजू करते हैं, और वह उनके छोटे-छोटे गुनाहों को भी अपनी रहमत से ढक देता है, क्योंकि यह मानवीय स्वभाव का हिस्सा है कि इंसान से कभी-कभी भूलें हो जाती हैं।
फ़ायदे:
- अल्लाह तआला हर इंसान के दिल के भेद को जानता है, इसलिए हमें अपनी नीयतों को साफ़ और सच्चा रखना चाहिए, क्योंकि अल्लाह सिर्फ़ ज़ाहिरी अमल ही नहीं बल्कि बातिनी इरादों को भी देखता है।
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह की रहमत बहुत विशाल है—वह उन लोगों को माफ़ कर देता है जो अपनी गलतियों से तौबा करके उसकी ओर लौटते हैं, चाहे उनसे कितनी ही भूलें क्यों न हुई हों।
- यह आयत हमें निराशा से बचाती है—अगर हमसे कोई कमी हो जाए, तो हमें अल्लाह की रहमत से मायूस नहीं होना चाहिए, बल्कि सच्चे दिल से तौबा करके उसकी ओर पलटना चाहिए।
- माता-पिता के साथ भलाई और उनके प्रति दिल में सच्ची मुहब्बत रखना अल्लाह को बहुत पसंद है, और यही नेकी का रास्ता है जो अल्लाह की मग़फिरत का ज़रिया बनता है।
📜 आयत 23-27 — सूरा अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 25
सूरा अल-इसरा आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसी तरह तू भी इन पर रहम फरमा तुम्हारे दिल…सूरा आयत 25/111 — सूरा अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इसरा सुनें, सूरा अल-इसरा अनुवाद, सूरा अल-इसरा mp3, सूरा अल-इसरा pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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