अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَغْلُولَةً: बंधी हुई, जकड़ी हुई (गले से हाथ बंधा होना कंजूसी की स्थिति को दर्शाता है)।
- تَبْسُطْهَا: उसे फैलाना, यानी खर्च करने में पूरी तरह खुल जाना।
- مَلُومًا: मलामत किया हुआ, जिसे लोग बुरा भला कहें।
- مَحْسُورًا: थका-हारा, सख्त पछतावे की हालत में, या ऐसा व्यक्ति जिसके पास खर्च करने के लिए कुछ बचा ही न हो।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों को खर्च करने में सही दरमियाना रास्ता (संतुलन) अपनाने की शिक्षा देता है। वह फरमाता है कि न तो अपना हाथ गर्दन से बंधा हुआ रखो—यानी कंजूसी और तंगदिली से खर्च करना बंद कर दो, जिससे तुम खुद भी तंगी में रहो और दूसरों की मदद से भी वंचित रहो—और न ही इसे पूरी तरह खोल दो कि जो कुछ पास है सब कुछ एक साथ लुटा दो। क्योंकि इस अति-उदारता (फिजूलखर्ची) का अंजाम यह होगा कि तुम बाद में खाली हाथ रह जाओगे, लोग तुम्हें मलामत करेंगे कि तुमने अपनी हैसियत का ख्याल नहीं रखा, और तुम खुद भी पछतावे और हसरत (मायूसी) के साथ बैठे रहोगे, जबकि तुम्हारे पास खर्च करने के लिए कुछ नहीं बचेगा। यह आयत उस समय उतरी जब नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने एक सवाल पूछने वाले को अपना कुर्ता दे दिया और उनके पास दूसरा कपड़ा न बचा, जिससे वे नमाज़ के लिए निकल पाते। इससे सबक यह है कि खर्च में न कंजूसी करनी चाहिए और न ही इस हद तक सखावत (दरियादिली) कि आदमी खुद ही मुहताज हो जाए।
फ़ायदे (सबक):
- इस्लाम दीन में संतुलन और इतिदाल (मध्यम मार्ग) की तालीम देता है—खर्च में भी और हर मामले में भी। कंजूसी और फिजूलखर्ची दोनों ही नापसंद हैं।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दूसरों की मदद करना अच्छा है, लेकिन अपनी ज़िम्मेदारियों और हैसियत का ख्याल रखना भी ज़रूरी है, ताकि हम खुद किसी के सामने हाथ फैलाने की नौबत न आएं।
- अल्लाह तआला अपने बंदों की भलाई चाहता है—वह हमें ऐसे रास्ते पर चलने की हिदायत देता है जिससे हम दुनिया में इज़्ज़त से जिएं और आख़िरत में भी कामयाब हों।
- इससे पता चलता है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सखावत (दरियादिली) किस कदर थी कि वे अपनी ज़रूरत को भूलकर दूसरों को दे देते थे—यह हमारे लिए मोहब्बत और फ़िदा (त्याग) की आला मिसाल है।
📜 आयत 27-31 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 29
सूरा अल-इसरा आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपने हाथ को न तो गर्दन से बँधा हुआ…सूरा आयत 29/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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