अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُوحَىٰ إِلَيَّ – मेरी ओर प्रकाशना (वह्य) भेजी जाती है।
- يَرْجُو لِقَاءَ رَبِّهِ – अपने रब से मिलने की आशा रखता है (अर्थात उसके दर्शन और उसके इनाम की उम्मीद रखता है)।
- عَمَلًا صَالِحًا – वह कर्म जो अल्लाह के आदेशों के अनुसार हो और जो केवल उसी की रज़ा के लिए किया जाए।
- يُشْرِكْ – किसी को अल्लाह का साझी बनाए (शिर्क करे)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए कि मैं कोई फ़रिश्ता या कोई अलौकिक प्राणी नहीं हूँ, बल्कि मैं तुम्हारे ही जैसा एक इंसान हूँ। मुझमें कोई ख़ुदाई या दिव्यता नहीं है। हाँ, अल्लाह ने मुझ पर यह प्रकाशना (वह्य) उतारी है कि तुम्हारा सच्चा पूज्य केवल एक ही है – वह अल्लाह। वह न अकेला है, न उसका कोई साझी है, और न ही वह किसी और के समान है।
फिर अल्लाह तआला अपने बंदों को सीधा रास्ता दिखाते हुए फ़रमाता है: जो कोई अपने रब से मिलने की आशा रखता है – यानी उसके दर्शन, उसके इनाम और उसकी रहमत का उम्मीदवार है – उसे चाहिए कि वह ऐसे अच्छे कर्म करे जो अल्लाह की शरीअत (क़ुरआन और सुन्नत) के अनुसार हों, और साथ ही वह उन्हें पूरी तरह ख़ालिस (निष्कपट) करे, यानी उसमें किसी का शिर्क न मिलाए। वह अपनी इबादत में किसी को अल्लाह का साझी न बनाए – न मुरी (दिखावा) के लिए, न किसी मख़लूक़ की रज़ा के लिए, बल्कि केवल और केवल अल्लाह की रज़ा के लिए काम करे।
यह आयत हमें बताती है कि नजात (मुक्ति) का रास्ता बहुत आसान है: ईमान के साथ अच्छे कर्म, और अच्छे कर्मों में भी ख़ुलूस (निष्कपटता)। जिसने इन दोनों चीज़ों को अपना लिया, उसने अपने रब से मिलने की तैयारी कर ली। और याद रखें, अल्लाह की रहमत के साथ-साथ उसका इन्साफ़ भी है – वह हर अच्छे कर्म का बदला देगा, और हर बुरे कर्म का हिसाब लेगा। इसलिए हमें अपने कर्मों को शिर्क और दिखावे से पाक रखना चाहिए, क्योंकि अल्लाह केवल उसी कर्म को क़बूल करता है जो उसके लिए ख़ालिस हो।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि नबी ﷺ भी इंसान थे – वे हमारे लिए एक आदर्श हैं, लेकिन उनकी इबादत नहीं की जा सकती। हमारी सारी इबादत, सारी दुआएँ और सारी उम्मीदें केवल अल्लाह से होनी चाहिए। यही तौहीद (एकेश्वरवाद) का सार है, और यही वह पैग़ाम है जो हर नबी लेकर आया।
📜 आयत 108-110 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 110
सूरा अल-कहफ आयत 110 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) कह दो कि मैं भी तुम्हारा ही ऐसा…सूरा आयत 110/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 108–110. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








