अल-कहफ · 12/110
अनुवाद उच्चारण — अल-कहफ
ثُمَّ بَعَثْنَاهُمْ لِنَعْلَمَ أَيُّ الْحِزْبَيْنِ أَحْصَىٰ لِمَا لَبِثُوا أَمَدًا ۝١٢
Summa ba`asnaahum lina`lama ayyul hizbaini ahsaa limaa labisooo amadaa
📖 हिंदी अर्थ
फिर हमने उन्हें चौकाया ताकि हम देखें कि दो गिरोहों में से किसी को (ग़ार में) ठहरने की मुद्दत खूब याद है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بَعَثْنَاهُمْ: हमने उन्हें जगाया (नींद से उठाया)।
  • لِنَعْلَمَ: ताकि हम जान लें (यहाँ अर्थ है: ताकि प्रकट हो जाए)।
  • الْحِزْبَيْنِ: दोनों गिरोहों (समूहों) में से।
  • أَحْصَى: सबसे अधिक सही गिनती रखने वाला, सबसे अधिक याद रखने वाला।
  • أَمَدًا: समय की अवधि, मुद्दत।

तफसीर (व्याख्या):

फिर हमने उन्हें उनकी लंबी नींद के बाद जगाया, ताकि यह बात सामने आ जाए कि उन दोनों गिरोहों में से कौन सा गिरोह उस अवधि का सही-सही हिसाब रख सका जो उन्होंने गुफा में बिताई थी। अल्लाह तआला को तो सब कुछ पहले से ही मालूम था, लेकिन यहाँ "لِنَعْلَمَ" (ताकि हम जान लें) का अर्थ है कि यह बात बाहर प्रकट हो जाए और लोगों के सामने आ जाए।

जब वे जागे, तो उनमें से कुछ ने कहा कि हम एक दिन या उससे कुछ कम समय के लिए रुके हैं, जबकि कुछ ने कहा कि हम अधिक समय तक रुके हैं। इस तरह अल्लाह ने उनकी नींद और जागने के माध्यम से यह दिखा दिया कि उनमें से कौन सा गिरोह अपने ठहरने की अवधि का सही अंदाज़ा लगाने में अधिक सटीक था।

यह घटना हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला की कुदरत (शक्ति) के आगे समय और उसकी लंबाई कुछ भी नहीं है। वह जिसे चाहे सैकड़ों वर्षों तक सुलाए रख सकता है और फिर उसे जगा सकता है। यह हमारे लिए एक बड़ी निशानी है कि हम अल्लाह की कुदरत पर पूरा यकीन रखें और उसके हर फैसले पर भरोसा करें।

इस आयत से हमें यह भी सबक मिलता है कि जब भी हम किसी मामले में उलझन में पड़ें, तो हमें अल्लाह से सच्चाई और सही रास्ते की दुआ करनी चाहिए, क्योंकि वही सब कुछ जानने वाला है और वही हमें सही रास्ता दिखा सकता है। यह कहानी हमें यकीन दिलाती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की हिफाज़त करता है और उन्हें हर मुश्किल से निकालने का रास्ता दिखाता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 10-14 — अल-कहफ

10إِذْ أَوَى الْفِتْيَةُ إِلَى الْكَهْفِ فَقَالُوا رَبَّنَا آتِنَا مِن لَّدُنكَ رَحْمَةً وَهَيِّئْ لَنَا مِنْ أَمْرِنَا رَشَدًا
कि एक बारगी कुछ जवान ग़ार में आ पहुँचे और दुआ की-ऐ हमारे परवरदिगार हमें अपनी बारगाह से रहमत अता फरमा-और हमारे वास्ते हमारे काम में कामयाबी इनायत कर
11فَضَرَبْنَا عَلَىٰ آذَانِهِمْ فِي الْكَهْفِ سِنِينَ عَدَدًا
तब हमने कई बरस तक ग़ार में उनके कानों पर पर्दे डाल दिए (उन्हें सुला दिया)
12ثُمَّ بَعَثْنَاهُمْ لِنَعْلَمَ أَيُّ الْحِزْبَيْنِ أَحْصَىٰ لِمَا لَبِثُوا أَمَدًا
फिर हमने उन्हें चौकाया ताकि हम देखें कि दो गिरोहों में से किसी को (ग़ार में) ठहरने की मुद्दत खूब याद है
13نَّحْنُ نَقُصُّ عَلَيْكَ نَبَأَهُم بِالْحَقِّ ۚ إِنَّهُمْ فِتْيَةٌ آمَنُوا بِرَبِّهِمْ وَزِدْنَاهُمْ هُدًى
(ऐ रसूल) अब हम उनका हाल तुमसे बिल्कुल ठीक तहक़ीक़ातन (यक़ीन के साथ) बयान करते हैं वह चन्द जवान थे कि अपने (सच्चे) परवरदिगार पर ईमान लाए थे और हम ने उनकी सोच समझ और ज्यादा कर दी है
14وَرَبَطْنَا عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ إِذْ قَامُوا فَقَالُوا رَبُّنَا رَبُّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ لَن نَّدْعُوَ مِن دُونِهِ إِلَٰهًا ۖ لَّقَدْ قُلْنَا إِذًا شَطَطًا
और हमने उनकी दिलों पर (सब्र व इस्तेक़लाल की) गिराह लगा दी (कि जब दक़ियानूस बादशाह ने कुफ्र पर मजबूर किया) तो उठ खड़े हुए (और बे ताम्मुल (खटके)) कहने लगे हमारा परवरदिगार तो बस सारे आसमान व ज़मीन का मालिक है हम तो उसके सिवा किसी माबूद की हरगिज़ इबादत न करेगें
अल-कहफकुरान सूची
110आयत
मक्कीRevelation
12आयत

अनुवाद — अल-कहफ 12

सूरा अल-कहफ आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने उन्हें चौकाया ताकि हम देखें कि दो गिरोहों…

सूरा आयत 12/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए