अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اتْلُ: पढ़ो, पालन करो
- مُبَدِّلَ: बदलने वाला
- كَلِمَاتِهِ: उसकी बातें (अल्लाह के वचन)
- مُلْتَحَدًا: शरण स्थल, पनाह की जगह, भागने की जगह
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उस किताब को पढ़ें और उस पर अमल करें जो आपके रब की ओर से आप पर उतारी गई है, यानी क़ुरआन। यह वह किताब है जिसकी बातों को कोई बदलने की ताक़त नहीं रखता, क्योंकि यह पूरी तरह सच्ची और न्यायपूर्ण है। अल्लाह की हर बात सत्य है, हर फ़ैसला अदल (न्याय) पर आधारित है, और उसका हर वादा पूरा होकर रहता है। इसलिए इस किताब को बदलने, इसमें कमी या ज़्यादती करने की कोई शक्ति किसी को हासिल नहीं।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ऐ नबी! अगर तुम अल्लाह के हुक्म से हटकर कहीं और जाना चाहो, या उसकी पकड़ से बचने के लिए कोई पनाह तलाश करो, तो याद रखो कि अल्लाह के सिवा तुम्हें कोई शरण स्थल नहीं मिलेगा। न कोई ऐसी जगह है जहाँ तुम छिप सको, न कोई ऐसा सहारा है जो तुम्हें अल्लाह से बचा सके। अल्लाह ही एकमात्र पनाह देने वाला है, और उसी की तरफ लौटना है।
यह आयत हमें सिखाती है कि क़ुरआन अल्लाह की आख़िरी और अटल किताब है, जिसमें कोई परिवर्तन नहीं हो सकता। यही हमारी रहनुमाई का ज़रिया है और यही हमारी नजात (मुक्ति) का रास्ता है। जो व्यक्ति इस किताब को थाम लेता है, वह कभी गुमराह नहीं होता, और जो इसे छोड़ देता है, उसे कोई और सहारा नहीं मिल सकता।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का कलाम (क़ुरआन) ही हमारी असली पनाह है। दुनिया की हर चीज़ फ़ानी है, हर सहारा कमज़ोर है, लेकिन अल्लाह की बातें क़ियामत तक क़ायम रहेंगी। इसलिए हमें चाहिए कि हम क़ुरआन को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें क़ुरआन को पढ़ने, समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 25-29 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 27
सूरा अल-कहफ आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) जो किताब तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से…सूरा आयत 27/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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