अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صَاحِبُهُ (उसका साथी): उसका मोमिन साथी।
- يُحَاوِرُهُ (उससे बातचीत कर रहा था): उससे वार्तालाप और बहस कर रहा था।
- أَكَفَرْتَ (क्या तूने कुफ्र किया): क्या तूने इनकार किया।
- مِن تُرَابٍ (मिट्टी से): तेरे मूल की शुरुआत मिट्टी से हुई।
- نُطْفَةٍ (नुत्फ़ा): पुरुष और स्त्री का वीर्य/बूंद।
- سَوَّاكَ (तुझे बनाया/संवारा): तुझे सही आकार और संतुलन दिया।
- رَجُلًا (पुरुष): पूर्ण इंसान, नर।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह वह दृश्य है जब वह धनवान व्यक्ति अपने गर्व और घमंड में अपने मोमिन साथी से कह रहा था कि मेरा धन और ताकत तेरे ईमान से बेहतर है। उसका साथी, जो अल्लाह पर ईमान रखता था, उसे नसीहत करते हुए कहता है: "क्या तूने उस अल्लाह का इनकार कर दिया जिसने तुझे मिट्टी से पैदा किया, फिर नुत्फ़े (वीर्य की बूंद) से, फिर तुझे एक पूर्ण और संतुलित इंसान बनाया?"
यानी, उस मोमिन साथी ने उसे उसकी अपनी पैदाइश की याद दिलाई — कि तू कितना कमज़ोर और असमर्थ था। पहले तू मिट्टी था, फिर एक छोटी सी बूंद, फिर अल्लाह ने तुझे इस खूबसूरत और सही आकार में ढाला। तुझे हाथ, पैर, आँखें, कान, दिमाग और समझ दी। क्या वही अल्लाह, जो तुझे इस तरह बनाने पर क़ादिर था, तुझे दोबारा ज़िंदा करके हिसाब लेने पर क़ादिर नहीं है?
यह बात उस मोमिन ने इसलिए कही ताकि उस धनवान को उसके घमंड से निकाले और उसे यक़ीन दिलाए कि अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) के आगे तेरा धन और तेरी औलाद कुछ भी नहीं। जो अल्लाह पहली बार पैदा कर सकता है, वह दोबारा पैदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान को कभी अपने धन, रुतबे या ताकत पर घमंड नहीं करना चाहिए। हमारी पैदाइश की शुरुआत एक बेहद कमज़ोर चीज़ से हुई थी — मिट्टी और एक बूंद। यह हमारे लिए अल्लाह की क़ुदरत की सबसे बड़ी निशानी है। जब हम अपनी पैदाइश पर ग़ौर करेंगे, तो हमें यक़ीन होगा कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, और उसी की तरफ हमें लौटकर जाना है। यह ईमान की मज़बूती और अल्लाह के प्रति विनम्रता का सबसे अच्छा ज़रिया है। आइए, हम अपने रब की नेमतों को याद करें और उसके आगे सिर झुकाएँ — क्योंकि वही हमारा ख़ालिक़ (पैदा करने वाला) और रिज़्क़ देने वाला है।
📜 आयत 35-39 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 37
सूरा अल-कहफ आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसका साथी जो उससे बातें कर रहा था कहने लगा…सूरा आयत 37/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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