अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- السَّاعَةَ قَائِمَةً – क़ियामत का आना, प्रलय का घटित होना
- رُدِدْتُ – मैं लौटाया गया, मैं पुनर्जीवित किया गया
- مُنْقَلَبًا – लौटने की जगह, अंतिम ठिकाना, पलटकर जाने का स्थान
व्याख्या:
यह आयत उस अमीर व्यक्ति की बात बयान कर रही है जिसने अपने बगीचे पर घमंड किया और अपने ईमानवाले साथी से झगड़ा किया। वह अपने आप पर ज़ुल्म करते हुए अपने बगीचे में दाखिल हुआ, क्योंकि उसने क़ियामत के दिन को झुठलाया और उसके आने पर शक किया। उसने कहा: "मैं नहीं समझता कि यह बगीचा कभी खत्म होगा, और न ही मैं यह मानता हूँ कि क़ियामत कभी आएगी। और अगर — जैसा तुम कहते हो — मुझे अपने रब की तरफ लौटाया गया, तो मुझे यक़ीन है कि मुझे इस बगीचे से भी बेहतर ठिकाना मिलेगा, क्योंकि मैं उसकी नज़रों में इज़्ज़त वाला हूँ।"
यह व्यक्ति दुनिया की दौलत पर इतना मगरूर था कि उसे यक़ीन था कि उसकी दुनियावी कामयाबी आख़िरत में भी उसके साथ रहेगी। उसने यह नहीं सोचा कि दुनिया की दौलत आख़िरत के इनाम की गारंटी नहीं है, बल्कि असली कामयाबी तो अल्लाह के हुक्मों पर चलने में है। उसकी यह सोच पूरी तरह ग़लत थी, क्योंकि अल्लाह ने दुनिया में जो कुछ दिया है, वह इम्तिहान के लिए है, इज़्ज़त की निशानी नहीं।
दावती पहलू:
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि दौलत और दुनियावी चीज़ें कभी भी इंसान को अल्लाह के यहाँ बड़ाई नहीं दिला सकतीं। अल्लाह के पास असली इज़्ज़त तो ईमान, अच्छे आमाल और उसकी राह में खर्च करने से मिलती है। हमें चाहिए कि हम दुनिया की चमक-दमक पर घमंड न करें, बल्कि अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करें और उसकी इबादत में लगे रहें। याद रखें, क़ियामत का दिन सच है और हर इंसान को अपने अमाल का हिसाब देना है। जो लोग दुनिया में अल्लाह के साथ अच्छा रिश्ता रखते हैं, उन्हें आख़िरत में बेहतरीन इनाम मिलेगा, और जो दुनिया के धोखे में रहेंगे, उनका अंजाम बहुत बुरा होगा। अल्लाह से दुआ है कि हमें दुनिया के फरेब से बचाए और आख़िरत की भलाई अता करे।
📜 आयत 34-38 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 36
सूरा अल-कहफ आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मै तो ये भी नहीं ख्याल करता कि क़यामत…सूरा आयत 36/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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