Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَرِثُنِي (मुझसे विरासत पाए): मेरी नबुव्वत और इल्म का वारिस बने।
- يَرِثُ مِنْ آلِ يَعْقُوبَ (और याक़ूब की संतान से विरासत पाए): आल-ए-याक़ूब (हज़रत याक़ूब अलैहिस्सलाम की संतान) से नबुव्वत और इल्म का वारिस बने।
- وَاجْعَلْهُ رَبِّ رَضِيًّا (और ऐ मेरे रब! उसे अपनी रज़ा का हक़दार बना): उसे ऐसा बना जो तेरी रज़ा पर राज़ी हो और तू भी उससे राज़ी हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह हज़रत ज़करिय्या अलैहिस्सलाम की दुआ का हिस्सा है। वे बुढ़ापे में थे और उन्हें एक नेक औलाद की सख्त ज़रूरत थी जो उनके बाद उनके धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों को आगे बढ़ाए। उन्होंने अल्लाह से दुआ की कि उन्हें ऐसा बेटा अता फ़रमाए जो:
- उनकी नबुव्वत और इल्म का वारिस बने – यानी वह उनके बाद लोगों को सच्चा रास्ता दिखाए, उनकी शिक्षाओं को ज़िंदा रखे और अल्लाह के दीन की खिदमत करे।
- आल-ए-याक़ूब से विरासत पाए – यानी हज़रत याक़ूब अलैहिस्सलाम की संतान में जो नबुव्वत और इल्म की परंपरा चली आ रही थी, वह उसका हक़दार बने। यह कोई दुनियावी मीरास नहीं थी, बल्कि आध्यात्मिक और इल्मी विरासत थी जो अल्लाह के नेक बंदों में से एक से दूसरे तक पहुँचती है।
- अल्लाह की रज़ा का हक़दार बने – उन्होंने यह भी दुआ की कि ऐ मेरे रब! इस बेटे को ऐसा बना जो तेरी रज़ा पर राज़ी रहे, तेरे फैसलों पर संतुष्ट रहे, तेरा फरमाँबरदार हो, और तू भी उसके आमाल से राज़ी हो। यानी वह नेक, परहेज़गार, अच्छे अख़लाक़ वाला और इल्म में कामिल हो।
यह दुआ हमें सिखाती है कि माता-पिता को अपनी औलाद के लिए सिर्फ दुनियावी कामयाबी की दुआ नहीं करनी चाहिए, बल्कि सबसे पहले उनकी दीनी भलाई, नेकी, परहेज़गारी और अल्लाह की रज़ा की दुआ करनी चाहिए। जब बच्चा नेक और अल्लाह का फरमाँबरदार होगा, तो दुनिया की भलाई भी उसके साथ आएगी। यही असली कामयाबी है।
अल्लाह ने हज़रत ज़करिय्या अलैहिस्सलाम की यह दुआ कबूल की और उन्हें हज़रत यहया अलैहिस्सलाम जैसा नेक और पाक बेटा अता फरमाया, जो अपने वालिद की नबुव्वत के वारिस बने और अल्लाह की रज़ा पर राज़ी रहे। यह अल्लाह की कुदरत की निशानी है कि वह बूढ़े और बांझ माता-पिता को भी नेक औलाद दे सकता है। इससे हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह से उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों। अल्लाह हर चीज़ पर कादिर है और वह अपने नेक बंदों की दुआ ज़रूर सुनता है।
📜 आयत 4-8 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 6
सूरा मरियम आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो मेरी और याकूब की नस्ल की मीरास का मालिक…सूरा आयत 6/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


