अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُسْلِمَيْنِ: आपके आज्ञाकारी, आपके समक्ष समर्पित।
- ذُرِّيَّتِنَا: हमारी संतान।
- أُمَّةً: एक समुदाय या जमात।
- مَنَاسِكَنَا: हमारी इबादत के तरीके, विशेषकर हज के अनुष्ठान।
- تُبْ عَلَيْنَا: हमारी तौबा कबूल फ़रमा, हमें क्षमा कर दे।
तफसीर (व्याख्या):
यह दुआ हज़रत इब्राहीम और हज़रत इस्माईल (अलैहिमुस्सलाम) की है, जब वे काबा की नींव उठा रहे थे। वे अल्लाह से प्रार्थना कर रहे हैं: "ऐ हमारे रब! हमें अपना सच्चा मुसलमान (आज्ञाकारी) बना, जो पूरी तरह तेरे हुक्म के सामने झुके हुए हों, तेरी वहदानियत के गवाह हों, और तेरी इबादत में किसी को शरीक न करें। हालाँकि वे पहले से ही मुसलमान थे, लेकिन उन्होंने यह दुआ इसलिए की ताकि अल्लाह उन्हें इस हालत पर क़ायम रखे और उन्हें इस्लाम पर स्थिरता प्रदान करे।"
फिर उन्होंने अपनी संतान के लिए दुआ की: "हमारी नस्ल में से एक ऐसा समुदाय पैदा कर जो तेरे आगे पूरी तरह सर झुकाने वाला हो, तेरे हुक्मों का पालन करने वाला हो।" उन्होंने "मिन" (से) शब्द का प्रयोग किया, जो आंशिकता दर्शाता है, क्योंकि अल्लाह ने उन्हें बता दिया था कि उनकी संतान में से कुछ लोग ज़ालिम भी होंगे। इसलिए उन्होंने सिर्फ उस हिस्से के लिए दुआ की जो ईमान लाएगा।
इसके बाद उन्होंने अल्लाह से माँगा: "हमें अपनी इबादत के तरीके सिखा दे, खासकर हज के अनुष्ठान (मनासिक) समझा दे, ताकि हम तेरी इबादत उसी तरह कर सकें जैसा तू चाहता है।" और अंत में उन्होंने अपनी कमियों और भूलों की क्षमा माँगी: "हमारी तौबा कबूल फरमा और हमारी गलतियों से दरगुज़र कर, बेशक तू ही तौबा कबूल करने वाला और बेहद रहम करने वाला है।"
फ़ायदे (सबक):
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अच्छे से अच्छे नेक इंसान को भी अल्लाह से दुआ करते रहना चाहिए कि वह उसे इस्लाम पर स्थिर रखे, क्योंकि स्थिरता अल्लाह ही की तरफ से मिलती है।
- माता-पिता को चाहिए कि वे अपनी संतान की नेकी और ईमान के लिए दुआ करें, और यह दुआ हमारे लिए एक बेहतरीन नमूना है।
- इबादत के सही तरीके सीखने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इबादत सिर्फ अल्लाह के बताए हुए तरीके से ही कबूल होती है।
- इंसान को कभी भी अपनी इबादत और अमल पर नाज़ नहीं करना चाहिए, बल्कि हमेशा अल्लाह से क्षमा की दुआ करते रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह तौबा कबूल करने वाला और रहम करने वाला है।
📜 आयत 126-130 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 128
सूरा अल-बकरा आयत 128 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और) ऐ हमारे पालने वाले तू हमें अपना फरमाबरदार बन्दा…सूरा आयत 128/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 126–130. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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