अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَابْعَثْ: भेजें, उठाएँ
- رَسُولًا: संदेशवाहक, पैगंबर
- يَتْلُو: पढ़े, सुनाए
- آيَاتِكَ: आपकी आयतें (आपके प्रकट किए गए संदेश)
- الْكِتَابَ: किताब (कुरआन)
- الْحِكْمَةَ: समझ, सुन्नत, और धर्म की सूक्ष्म बातें
- يُزَكِّيهِمْ: उन्हें पवित्र करे, उनके दिलों को गंदगी से साफ़ करे
- الْعَزِيزُ: जो सब पर प्रभुत्व रखता है, अजेय शक्ति वाला
- الْحَكِيمُ: जो हर काम में पूर्ण ज्ञान और सूझ-बूझ से काम करता है
विस्तृत तफ़सीर (व्याख्या):
यह दुआ हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) और हज़रत इस्माईल (अलैहिस्सलाम) की है, जब वे काबा की नींव उठा रहे थे। वे अल्लाह से प्रार्थना कर रहे थे कि हे हमारे रब! इस उम्मत में एक रसूल भेज, जो इन्हीं में से हो — यानी हज़रत इस्माईल की संतान में से। यह भविष्यवाणी थी हमारे प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के आगमन की, जिन्हें अल्लाह ने पूरी दुनिया के लिए रहमत बनाकर भेजा।
उस रसूल के चार प्रमुख कार्य बताए गए हैं:
- वे अल्लाह की आयतें पढ़कर सुनाएँगे — यानी कुरआन की आयतें, जो लोगों के दिलों को रोशन करेंगी और उन्हें सीधा रास्ता दिखाएँगी।
- वे किताब सिखाएँगे — यानी कुरआन का ज्ञान देंगे, उसके अर्थ, उसके नियम और उसकी शिक्षाएँ।
- वे हिक्मत सिखाएँगे — यानी सुन्नत, समझ, और धर्म की गहरी बातें, जो इंसान को सही फैसले करने की क्षमता देती हैं।
- वे लोगों को पवित्र करेंगे — यानी उन्हें शिर्क, बुराई, बुरे चरित्र और गुनाहों से साफ़ करेंगे, और उनके दिलों में तक़्वा और अच्छाई पैदा करेंगे।
फिर दुआ के अंत में अल्लाह की दो विशेषताएँ बयान की गईं: वह अज़ीज़ है — यानी उसकी शक्ति के आगे कोई नहीं ठहर सकता, और वह जो चाहता है उसे पूरा करके रहता है। और वह हकीम है — यानी वह हर काम बुद्धिमानी से करता है, हर चीज़ को सही जगह रखता है। यह इस बात की तसल्ली है कि अल्लाह ने यह दुआ ज़रूर क़बूल की, और उसने मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को इस उम्मत में भेजा।
यह दुआ हमें सिखाती है कि हमें अल्लाह से उम्मत की भलाई के लिए दुआ करनी चाहिए, और यह भी याद दिलाती है कि अल्लाह ने हम पर कितना बड़ा एहसान किया — हमें ऐसा रसूल दिया जो हमें कुरआन और सुन्नत सिखाता है, और हमें पवित्र करता है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी नेमत है। हमें चाहिए कि उस रसूल की शिक्षाओं को अपनाएँ, कुरआन को पढ़ें और समझें, और अपने जीवन को पवित्र बनाएँ, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।
📜 आयत 127-131 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 129
सूरा आयत 129/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 127–131. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








