अल-बकरा · 130/286
अनुवाद उच्चारण — अल-बकरा
وَمَن يَرْغَبُ عَن مِّلَّةِ إِبْرَاهِيمَ إِلَّا مَن سَفِهَ نَفْسَهُ ۚ وَلَقَدِ اصْطَفَيْنَاهُ فِي الدُّنْيَا ۖ وَإِنَّهُ فِي الْآخِرَةِ لَمِنَ الصَّالِحِينَ ۝١٣٠
Wa manny yarghabu `am-Millarti Ibraaheema illaa man safiha nafsah; wa laqadis tafainaahu fid-dunyaa wa innaho fil aakhirati laminas saaliheen
📖 हिंदी अर्थ
और कौन है जो इबराहीम के तरीक़े से नफरत करे मगर जो अपने को अहमक़ बनाए और बेशक हमने उनको दुनिया में भी मुन्तिख़ब कर लिया और वह ज़रूर आख़ेरत में भी अच्छों ही में से होगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَرْغَبُ عَنْ – मुँह मोड़ना, त्याग करना, छोड़ देना।
  • مِلَّةِ – धर्म, पद्धति, तरीका।
  • سَفِهَ نَفْسَهُ – अपनी जान को नुकसान पहुँचाया, अपनी आत्मा को हल्का और बेक़दर किया, अर्थात् मूर्खता और नासमझी से काम लिया।
  • اصْطَفَيْنَاهُ – हमने उसे चुन लिया, विशेष रूप से चुनाव किया।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जो हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के धर्म से मुँह मोड़ते हैं। यह धर्म वास्तव में इस्लाम और एकेश्वरवाद का मूल है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हज़रत इब्राहीम के धर्म को छोड़कर किसी और रास्ते को अपनाने वाला वही व्यक्ति होता है जिसने अपनी आत्मा को मूर्खता और नासमझी का शिकार बना लिया हो। ऐसा व्यक्ति अपनी ही जान को नुकसान पहुँचाता है, क्योंकि वह सत्य को छोड़कर असत्य की ओर भागता है और अपने लिए अपमान और विनाश का सामान करता है।

अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को दुनिया में ही चुन लिया था और उन्हें नबी, रसूल और अपना ख़लील (दोस्त) बनाया। यह चुनाव अल्लाह की ओर से था, जो उनकी पवित्रता, ईमान और आज्ञाकारिता की वजह से हुआ। आख़िरत में भी वह उन सलीह (नेक) बंदों में से होंगे जिन्होंने अल्लाह के सारे आदेशों को पूरा किया और अपने रब की रज़ा के लिए हर क़ुर्बानी दी। उनका मुक़ाम आख़िरत में बहुत ऊँचा होगा और वह जन्नत में नबियों के साथ होंगे।

फ़ायदे (उपदेश और सबक):

  1. हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का धर्म ही सच्चा धर्म है, और वह इस्लाम ही है। जो कोई इससे मुँह मोड़ता है, वह अपनी ही आत्मा को नुकसान पहुँचाता है।
  2. सच्चे दीन से दूर होने की जड़ मूर्खता और नासमझी है। अक़्लमंद इंसान वही है जो अल्लाह के भेजे हुए दीन को अपनाए।
  3. अल्लाह तआला जिसे चाहता है अपनी विशेष रहमत से चुन लेता है, और यह चुनाव अल्लाह की तरफ़ से होता है, किसी की सिफ़ारिश से नहीं।
  4. आख़िरत की कामयाबी उन्हीं के लिए है जो दुनिया में अल्लाह के आदेशों पर चलते हैं और नेक बंदों में शामिल होते हैं।
  5. यह आयत मुसलमानों को अपने दीन पर गर्व करने और उसे मज़बूती से थामे रहने की तरग़ीब देती है, क्योंकि यही वह रास्ता है जिसे अल्लाह ने अपने प्यारे नबी इब्राहीम के लिए चुना।


📜 आयत 128-132 — अल-बकरा

128رَبَّنَا وَاجْعَلْنَا مُسْلِمَيْنِ لَكَ وَمِن ذُرِّيَّتِنَا أُمَّةً مُّسْلِمَةً لَّكَ وَأَرِنَا مَنَاسِكَنَا وَتُبْ عَلَيْنَا ۖ إِنَّكَ أَنتَ التَّوَّابُ الرَّحِيمُ
(और) ऐ हमारे पालने वाले तू हमें अपना फरमाबरदार बन्दा बना हमारी औलाद से एक गिरोह (पैदा कर) जो तेरा फरमाबरदार हो, और हमको हमारे हज की जगहों दिखा दे और हमारी तौबा क़ुबूल कर, बेशक तू ही बड़ा तौबा कुबूल करने वाला मेहरबान है
129رَبَّنَا وَابْعَثْ فِيهِمْ رَسُولًا مِّنْهُمْ يَتْلُو عَلَيْهِمْ آيَاتِكَ وَيُعَلِّمُهُمُ الْكِتَابَ وَالْحِكْمَةَ وَيُزَكِّيهِمْ ۚ إِنَّكَ أَنتَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ
(और) ऐ हमारे पालने वाले मक्के वालों में उन्हीं में से एक रसूल को भेज जो उनको तेरी आयतें पढ़कर सुनाए और आसमानी किताब और अक्ल की बातें सिखाए और उन (के नुफ़ूस) के पाकीज़ा कर दें बेशक तू ही ग़ालिब और साहिबे तदबीर है
130وَمَن يَرْغَبُ عَن مِّلَّةِ إِبْرَاهِيمَ إِلَّا مَن سَفِهَ نَفْسَهُ ۚ وَلَقَدِ اصْطَفَيْنَاهُ فِي الدُّنْيَا ۖ وَإِنَّهُ فِي الْآخِرَةِ لَمِنَ الصَّالِحِينَ
और कौन है जो इबराहीम के तरीक़े से नफरत करे मगर जो अपने को अहमक़ बनाए और बेशक हमने उनको दुनिया में भी मुन्तिख़ब कर लिया और वह ज़रूर आख़ेरत में भी अच्छों ही में से होगे
131إِذْ قَالَ لَهُ رَبُّهُ أَسْلِمْ ۖ قَالَ أَسْلَمْتُ لِرَبِّ الْعَالَمِينَ
जब उनसे उनके परवरदिगार ने कहा इस्लाम कुबूल करो तो अर्ज़ में सारे जहाँ के परवरदिगार पर इस्लाम लाया
132وَوَصَّىٰ بِهَا إِبْرَاهِيمُ بَنِيهِ وَيَعْقُوبُ يَا بَنِيَّ إِنَّ اللَّهَ اصْطَفَىٰ لَكُمُ الدِّينَ فَلَا تَمُوتُنَّ إِلَّا وَأَنتُم مُّسْلِمُونَ
और इसी तरीके क़ी इबराहीम ने अपनी औलाद से वसीयत की और याकूब ने (भी) कि ऐ फरज़न्दों खुदा ने तुम्हारे वास्ते इस दीन (इस्लाम) को पसन्द फरमाया है पस तुम हरगिज़ न मरना मगर मुसलमान ही होकर
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अनुवाद — अल-बकरा 130

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Tuesday, August 18, 2026

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